नरौरा से लगातार पानी छूटने के बाद गंगा का जलस्तर घटने के साथ ही गंगा की लहरों ने तबाही मचाते हुए कटान शुरू कर दिया है। इस कटान में टोंटपुर प्राथमिक, जूनियर विद्यालय की चाहर दीवारी, रसोई घर और भमरौलिया में शिव मंदिर के पास के अन्य मंदिर भी गंगा में समा गए। जीएम बांध से रिटायर्ड बांध जाने वाली सड़क करीब 800 मीटर लंबाई तक गंगा में समा गई।
शनिवार को नरौरा से छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा घटकर 56745 क्यूसेक रह गई लेकिन कछला में मीटर गेज 163 से ऊपर बना हुआ है। तेजी से गंगा का जलस्तर घटने से गंगा की लहरों ने कटान करते हुए सबसे पहले भमरौलिया के पास कटान शुरू करते हुए शिव मंदिरों को अपने आगोश में ले लिया। इसी के साथ ही टोंटपुर करसरी में प्राथमिक और जूनियर विद्यालय की चार दीवारी और रसोईघर भी गंगा में समा गया। स्कूल प्रांगण में जल भराव के कारण अन्य कमरे भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं और नष्ट होने के कगार पर हैं। गांव भमरौलिया में सड़क किनारे लगे करीब 20 पेड़ भी गंगा में समा चुके हैं। वहीं जीएम बांध से रिटायर्ड बांध तक जाने वाली सड़क भी करीब 800 मीटर गंगा में समा चुकी है।
ग्रामीणों में खौफ है। उनका कहना है कि यदि इसी तरह गंगा का कटान लगातार जारी रहा तो आसपास के आधा दर्जन से अधिक गांव गंगा में भी कटान शुरू हो जाएगा। तेज कटान से ग्रामीणों के चेहरों पर खौफ नजर आ रहा है। एसडीएम दिनेश कुमार सिंह और तहसीलदार नानक सिंह के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक वीरेंद्र पाल और लेखपाल चंद्रपाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया। वहीं बाढ़ खंड के जेई सूरजपाल सिंह, सोवरन सिंह, सुशील कुमार गुप्ता और स्वतंत्रपुरी गोस्वामी जीएम बांध पर कैंप करके बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए हैं।