बदायूं। देहात क्षेत्रों में हादसों के बढ़ते मामलों पर शासन सख्त हो गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर ग्रामीण स्तर पर प्रधानों की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीणों को हादसे के दौरान क्या करना है, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी।
सड़क हादसों में कमी लाने के लिए अब प्रधानों के नेतृत्व में ग्रामीण सड़क सुरक्षा समिति का गठन किया जाएगा। सड़क सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की निगरानी समिति ही करेगी। जहां जरूरी होगा, यह समिति ही एफआईआर भी दर्ज कराएगी। यह समिति हर महीने सड़क हादसों की जानकारी जिले की समिति को भेजेगी, हर गांव में सड़क सुरक्षा प्लान बनाएगी।
बड़े हादसों से निपटने को यह प्लान
गांव की सड़क सुरक्षा समिति की यह जिम्मेदारी होगी कि वह अपने क्षेत्र में बड़े हादसे होने की स्थिति के लिए इमरजेंसी मेडिकल प्लान तैयार रखे। हादसे होने पर एंबुलेंस और अस्पतालों के बीच आपसी तालमेल बनाएं। महीने में एक बार जिला स्तर पर इनकी बैठक भी होगी। देहात क्षेत्र में हर साल सड़क हादसों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवाते हैं। हाल ही में वजीरगंज थाना क्षेत्र के गांव अलउआ के पास बाइकों की टक्कर में पांच लोगों की मौत हो गई। ऐसे ही हर रोज हादसे हो रहे हैं। इनकी रोकथाम को समिति का गठन किया जाएगा।
कोट
- गांव स्तर पर सड़क सुरक्षा समिति का गठन जल्द किया जाएगा। इससे सड़क हादसों में कमी लाई जा सके। इसके लिए विभाग की ओर से कवायद शुरू की जाएगी।
- अमरीश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन