बदायूं। मूसाझाग थाना क्षेत्र के सैजनी गांव स्थित एचपीसीएल (सीबीजी) प्लांट में हुए हत्याकांड के बाद से प्लांट में कामकाज पूरी तरह ठप है। घटना के बाद से न केवल उत्पादन गतिविधियां बंद हैं, बल्कि प्लांट परिसर में सन्नाटा पसरा हुआ है। इस बीच लगातार खराब हो रहे मौसम से बीते दो दिन हुई बूंदाबांदी ने प्लांट प्रबंधन की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। प्लांट में करीब 70 टन पराली खराब होने की आशंका है।
प्लांट में बायो-गैस उत्पादन के लिए बड़े पैमाने पर पराली (फसल अवशेष) का स्टॉक पहले से ही एकत्रित था। यह पराली पीलीभीत के पूरनपुर क्षेत्र से मंगाई जा रही थी। कंपनी अधिकारियों द्वारा करीब एक महीने की आवश्यकता के अनुसार भंडारण किया गया था। बताया जा रहा है कि प्लांट में भारी मात्रा में पराली जमा है, जो गैस उत्पादन की मुख्य कच्ची सामग्री है। वर्तमान में प्लांट बंद होने के कारण इस पराली का उपयोग नहीं हो पा रहा है।
स्थिति यह है कि स्टॉक में रखी करीब आधी पराली को तिरपाल से ढककर सुरक्षित करने का प्रयास किया गया है, लेकिन शेष बड़ी मात्रा में खुले मैदान में पड़ी हुई है। सूत्र बताते हैं कि यहां करीब 70 टन पराली रखी हुई है। पिछले दो दिनों से क्षेत्र में मौसम खराब बना हुआ है। यदि जल्द ही मौसम साफ नहीं हुआ और पराली को सुरक्षित स्थान पर नहीं पहुंचाया गया तो यह पूरी तरह सड़-गल सकती है। ऐसा होने पर न केवल उत्पादन प्रक्रिया प्रभावित होगी, बल्कि कंपनी को लाखों रुपये की आर्थिक क्षति भी उठानी पड़ सकती है।
मशीनें बंद, परिसर में पसरा हुआ है सन्नाटा
प्लांट में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। कामकाज पूरी तरह ठप होने से कर्मचारियों की आवाजाही नहीं है। परिसर में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है। मशीनें भी बंद पड़ी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले जहां प्लांट में दिन-रात गतिविधियां चलती थीं, वहीं अब यहां वीरानी छाई हुई है।