उसहैत। गंगा का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ग्रस्त इलाकों में ग्रामीणों की दुश्वारियां शुरू हो गईं हैं। जटा-प्रेमी नगला गांवों को जाने वाली पुलिया पर एक फुट तक पानी और असमया रफतपुर को जाने वाले मार्ग पर भी पानी बह रहा है। इससे ग्रामीणों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है।
बुधवार को जटा-प्रेमी नगला गांवों को जाने वाली पुलिया पर गंगा का पानी आने से ग्रामीणों को आवागमन करने में दिनभर परेशानी हुई। गांव के बाहर तीन मोटरवोट और गोताखोरों की तैनाती भी है। असमया रफतपुर को जाने वाले मार्ग पर पानी है, लेकिन गांव में पानी नहीं पहुंचा है। लोगों के खेतों में पानी भर गया है। इसी तरह बेहटी गांव में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन पानी गांव तक नहीं पहुंचा है।
इधर, कदमनगला, रैपुरा में कटान तेज हो गई है। कदमनगला गांव 80 प्रतिशत कटान की भेंट चढ़ चुका है। रैपुरा में भी यही हालात है। मंगलवार को डीएम ने इन गांवों का दौरा कर अधिकारियों को कटान रोकने के उपाय करने के निर्देश दिए थे, इसके बाद बाढ़ खंड के अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। भुनडी, पथरामई और रैपुरा गांवों के इलाकों में कटान रोकने के उपाय करने शुरू कर दिए हैं। इधर, बाढ़ खंड के अभियंता उमेश चंद्रा ने बताया कि रैपुरा, पथरामई, भुनडी गांव के पास कटान रोकने के लिए सैंड बैग्स, बैम्बू कैप्ट और परक्यूपिन का काम कराकर कटान को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
एक सप्ताह पहले लगा था स्वास्थ्य शिविर
- इन इलाकों में स्वास्थ्य विभाग शिविर एक सप्ताह पहले लगा था। ग्रामीणों को दवा वितरण की। इसके अलावा पशुओं के इलाज के लिए वैक्सीन लगाई। कदम नगला के अमित कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह ही गांव में स्वास्थ्य शिविर लगा था, सभी जांचें और जरूरी दवाएं दीं, मवेशियों को भी वैक्सीन लगाई।
गंगा का जलस्तर छह सेंटीमीटर बढ़ा
बुधवार सुबह कछला पुल पर लगे वाटर गेज में गंगा का जलस्तर 162.46 मीटर गेज दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर है। इससे निचले हिस्सों में पानी भरने लगा है। राजस्व और बाढ़ खंड की टीमें अलर्ट मोड पर हैं। जटा, ठाकुरी नगला, रैपुरा, भुनडी, असमय रफतपुर, कदमनगला, सिथौली खाम, बेहटी में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।