- राजश्री हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने की कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में राजश्री हॉस्पिटल में प्रसूता की मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जहां हॉस्पिटल को सील कर प्रबंधन पर कार्रवाई कराई थी, वहीं अब पुलिस ने भी कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिस ने मृतका के पति की तहरीर पर अस्पताल चलाने वाले दो झोलाछाप को नामजद करते हुए दो महिला स्वास्थ्यकर्मियों पर एफआईआर दर्ज की है।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रैपुरा निवासी सुशील पुत्र रामरक्षपाल ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसके छोटे भाई की पत्नी शिल्पी को प्रसव पीड़ा होने पर बीती नौ अप्रैल को सुबह नौ बजे राजश्री हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। हॉस्पिटल में उससे 10 हजार रुपये जमा करा लिए गए। बताया गया कि सामान्य प्रसव किया जाएगा। हॉस्पिटल में भर्ती करने के बाद में उसको बताया गया कि 25 हजार रुपये जाएंगे और अब उसका ऑपरेशन से प्रसव होगा। उसने बाकी रकम भी जमा कर दी। इसके बाद शिल्पी का ऑपरेशन से प्रसव किया गया, जिसकी नस कट जाने से ज्यादा खून बह गया और ऑपरेशन थियेटर में ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद खुद को डॉक्टर बताने वाले श्रवण कुमार और अस्पताल चलाने वाले झोलाछाप गौरव पटेल फरार हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर हॉस्पिटल चलाने वाले झोलाछाप गौरव पटेल खुद को डॉक्टर बताने वाले श्रवण कुमार और दो महिला स्वास्थ्यकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में एसएचओ गौरव विश्नोई ने बताया कि एफआईआर दर्ज की गई है। जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।