बदायूं में सात वर्षीय बालक आर्यन के अपहरण के मामले में पुलिस ने शुक्रवार रात घटना के 72 घंटे बाद रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस अभी आरोपियों को पकड़ नहीं पाई है। वहीं, पुलिस का दावा है कि एक सीसीटीवी फुटेज मिला है, उसमें आरोपी का चेहरा साफ नजर नहीं आ रहा है।
उसावां कस्बे में मंगलवार रात करीब नौ बजे सात वर्षीय आर्यन गुप्ता का अपहरण कर लिया गया था। वह उस दौरान अपने चाचा पवन कुमार गुप्ता के मिष्ठान भंडार से घर लौट रहा था। दुकान और मकान में 500 मीटर का अंतर था। इसी दौरान एक व्यक्ति उसे बहला फुसलाकर खेतों की ओर ले गया। उसके साथ मारपीट की और खेत में पड़ी चारपाई पर लिटा दिया। आरोपी खुद भी दूसरी चारपाई पर लेट गया। जब वह सो गया तो बालक उठकर अपने घर भाग आया।
इस संबंध में बालक के पिता विमल कुमार गुप्ता ने तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी। पुलिस लगातार परिवार वालों को समझाने में लगी थी। आरोपी की तलाश के नाम पर सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए। पुलिस ने एक फुटेज मिलने का दावा किया लेकिन उसमें आरोपी का चेहरा साफ नजर नहीं आया। इससे पुलिस ने वीडियो फुटेज साफ कराने को भेज दिया।
शुक्रवार रात पुलिस ने परिवार वालों को थाने बुलाया और उनसे घटना के संबंध में दूसरी तहरीर ली, तो कहीं देर रात अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। वहीं, एक संदिग्ध व्यक्ति को शक के दायरे में रखा गया है, कस्बे के रहने वाले इस व्यक्ति के ऊपर कई मुकदमे पहले से ही दर्ज है। एसओ मान बहादुर सिंह का कहना है कि एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।