बिल्सी के जैन मंदिर में मनाए जा रहे पर्यूषण पर्व पर आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते बच्चे। ?
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बिल्सी। चंद्रप्रभु दिगंबर जैन मंदिर में मनाए जा रहे दस दिवसीय पर्युषण पर्व का तीसरा दिन यहां उत्तम आर्जव धर्म के रूप में मनाया गया। सर्वप्रथम भगवान जिनेंद्र का मंगल जलाभिषेक कर जैन समाज के लोगों ने तीर्थंकर भगवान की विशेष पूजा-अर्चना की।
निखिल जैन ने उत्तम आर्जव धर्म के बारे में बताते हुए कहा कि मन, वचन, कारय पूर्वक कुटिलता का त्याग करना ही आर्जव धर्म है। इस आर्जव धर्म के धारण करने से गलत कर्मों का नाश हो जाता है। आत्मा का स्वभाव ही सरल स्वभाव है। इसलिए प्रत्येक प्राणी को सरल स्वभाव रखना चाहिए।
इसी क्रम में नीरेश जैन के सानिध्य में बच्चों की धार्मिक अंत्याक्षरी व प्रश्नमंच प्रतियोगिता हुई। इसमें पहले नंबर पारसनाथ, दूसरे नंबर पर महावीर और तीसरे नंबर पर आदिनाथ की टीम रही। इस मौके पर प्रीत जैन सोनी, अनुपम जैन, पंकज जैन, दीपू जैन, राजीव जैन, प्रभात जैन, नमन जैन, डॉ.आरती जैन आदि मौजूद रहे। संवाद