कादरचौक (बदायूं)। कादरचौक थाने के सामने किसान संगठन स्वराज गुट के जाम लगाने के दौरान हल्का नंबर चार के पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद नहीं थे। उस वक्त दूसरे हल्के के सिपाहियों ने आकर मोर्चा संभाला था। इससे किसान संगठन ने उन्हीं पर मारपीट का आरोप लगाया और एफआईआर दर्ज कराई, जिससे उन्हीं पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर किया गया।
बुधवार रात भारतीय किसान यूनियन (स्वराज गुट) के कार्यकर्ताओं ने कादरचौक थाने के सामने जाम लगा दिया था, जिसमें तमाम वाहन फंस गए थे। एक एंबुलेंस भी फंस गई थी। उस वक्त थाने के पुलिस कर्मी, दरोगा और एसओ गश्त पर निकल चुके थे। शुरुआती दौर में सिपाही विकास अवस्थी, गोपाल त्यागी और बिजेंद्र शर्मा पहुंचे थे। एसआई विक्रम सिंह भी गश्त पर थे। वह भी कुछ देर बाद आ गए। इसके बाद जाम खुलवाने की कोशिश की गई। इस दौरान भाकियू कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर मारपीट, वाहनों में तोड़फोड़ का आरोप भी लगाया। उनकी तहरीर पर पुलिस कर्मियों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई। हालांकि बाद में पुलिस की ओर से भी संगठन के कार्यकर्ताओं पर मामला दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि जहां किसानों ने जाम लगाया था, वह हल्का नंबर में चार में आता है जबकि इस हल्के पर तैनात पुलिस कर्मी मौके पर मौजूद नहीं बताए जा रहे हैं। घटना के दौरान वह कहां थे, इसकी जांच शुरू हो गई है।
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शुक्रवार को भी थाने पहुंचे कुछ कार्यकर्ता
भाकियू स्वराज गुट के कुछ कार्यकर्ता शुक्रवार को भी थाने पहुंचे। उन्होंने अपनी ओर से दर्ज कराई एफआईआर के बारे में जानकारी ली। बाद में थाने से लौट गए।
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कादरचौक थाने में दर्ज दोनों एफआईआर की विवेचना शुरू कर दी गई है। इसमें किसकी लापरवाही रही या कौन पुलिस कर्मी कहां था। यह जांच के बाद ही पता चलेगा। उसके बाद अगली कार्रवाई होगी।
- अमित किशोर श्रीवास्तव, एसपी सिटी