बदायूं। आत्मनिर्भर भारत की दूसरी किस्त में सरकार ने प्रवासी मजदूरों, गरीबों और किसानों के लिए 3.16 लाख करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की है। हाउसिंग लोन सब्सिडी योजना को एक साल के लिए बढ़ाते हुए मध्यम वर्ग को भी ध्यान में रखने का प्रयास किया गया है। किसानों को रियायती कर्ज उपलब्ध कराने की योजना है।
कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए लगाए गए लॉकडाउन में हर तबका परेशान हो गया है। इसमें सबसे ज्यादा परेशानी गरीब, किसान और मध्यम वर्ग के लोगों को हो रही है। ऐसे में सरकार इन लोगों को ध्यान में रखते हुए कुछ योजनाएं बनाई है। इससे किसानों समेत मध्यम वर्ग के लोगों को अपनी आजीविका मजबूत करने में मदद मिलेगी। 3.16 लाख करोड़ के पैकेज में किसानों के लिए जहां क्रेडिट कार्ड से सस्ते ब्याज पर लोन मिलेगा। वहीं वह सरकारी योजनाओं के जरिए कृषि उपकरणों को भी खरीद सकेंगे। इसी तरह मध्यम वर्ग के लोगों को भी इस पैकेज से बड़ा लाभ होने वाला है। इसमें हाउसिंग लोन सब्सिडी योजना को भी शामिल किया गया है।
क्या बोले किसान
केंद्र सरकार की ओर से किसानों के लिए जो पैकेज दिया गया है, उसका आने वाले दिनों में फायदा मिलेगा। पैकेज में काफी हद तक सहूलियतें हैं। लेकिन सरकार अगर थोड़ा और धनराशि बढ़ा देती तो ज्यादा फायदा मिलता। - राम प्रकाश
पैकेज लागू होने के बाद किसानों को कृषि कार्य से जुड़ी जरूरतें पूरी करने में दिक्कत नहीं होगी। खाद, बीज और पानी आसानी से उपलब्ध होता रहेगा। सबसे अच्छी बात तो यह है कि ब्याज भी अधिक देना नहीं पड़ेगा। - कुलदीप
क्या बोले: मध्यम वर्ग के लोग
पैकेज में मध्यम वर्ग के उन लोगों को ज्यादा फायदा पहुंचेगा, जिनके पास घर नहीं है। अब वह सस्ते ब्याज दर पर लोन लेकर अपना मकान बना सकते हैं। - राजू कुमार
सरकार ने आर्थिक पैकेज जारी करते समय मध्यमवर्गीय परिवार की मूल सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया है। लॉकडाउन की सबसे अधिक मार मध्यम वर्ग पर ही पड़ी है। कई आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। - सनी