भाकियू और ने खराब मौसम से फसलें नष्ट होने पर मिल रही सहायता में धांधली बताते हुए चेकों की प्रतियां फूं ककर विरोध प्रदर्शन किया। किसान नेताओं का आरोप है कि खेतों के रकबे के हिसाब से कोई मानक नहीं बना है। उन्होंने 15 अप्रैल को फिर विरोध प्रदर्शन करने की बात कही है।
मालवीय आवास पर एकत्र हुए भाकियू और बीकेडी के बैनर तले किसानों ने राहत के मिले चेकों में धांधली बताते हुए और समानता न रखने पर चेकों की प्रतियां फूंकी। बीकेडी नेता राजेश कुमार सक्सेना ने कहा कि राहत के नाम पर प्रदेश और केंद्र सरकार दोनाें बराबर की दोषी हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह ने कहा कि ऐसे तो किसानों के साथ घोर अन्याय होता रहेगा। किसान आत्महत्याएं न करें। इसके लिए राहत राशि का न्यायपरक वितरण हो। किसानों ने बाद में डीएम को संबोधित ज्ञापन में दोबारा नुकसान का आकलन करने और कर्जा माफ करने की मांग की। इसके अलावा सरकार बनाम दिग्विजय सिंह मुकदमा का समाधान सरकार अपने स्तर से कराए अन्यथा 15 अप्रैल को इसे मुद्दा बनाया जाएगा।
इस मौके पर अजयपाल सिंह, राजू सैफी, तेजपाल, यादराम, नरेंद्र सक्सेना, हारुन गौस, रघुनाथ, राज कुमार सिंह, राम प्रकाश यादव आदि शामिल रहे।