उझानी। भारत मिंट एलाइड एंड केमिकल्स फैक्टरी में पिछले महीने भीषण अग्निकांड में कर्मचारी मुनेंद्र यादव की जिंदा जलकर मौत हो गई थी। मामले में मृतक आश्रित को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए शासन को सिफारिश भेजी गई है।
फैक्टरी परिसर में आंधी के दौरान चिमनी और बॉयलर गिर जाने से आग लगी थी। अग्निकांड में मुजरिया थानाक्षेत्र के गांव बिचौला टप्पा जामिनी निवासी कर्मचारी मुनेंद्र यादव जिंद जल गए थे। मुनेंद्र को बचाने के लिए उनके भाइयों ने कोशिश भी की थी, लेकिन वह निकालने में कामयाब नहीं हो पाए थे। उनके शव की अस्थियों के अवशेष हादसे के 16 दिन बाद मिल पाए थे। मृतक के परिजनों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उस वक्त प्रशासनिक अफसरों ने आर्थिक सहायता दिलाने का भी भरोसा दिलाया था।
पिछले दिनों मृतक के परिजनों की ओर से एसडीएम सदर मोहित कुमार को आर्थिक सहायता के लिए मांग पत्र भी सौंपा गया था। एसडीएम ने बताया कि दैवीय आपदा के तहत मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से मुनेंद्र के आश्रित को पांच लाख रुपये की सहायता अवमुक्त कराने के लिए सिफारिश भेज दी गई है। बताया कि मुनेंद्र का मृत्यु प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। मुनेंद्र की पत्नी रेखा और दो मासूम बेटियां हैं। बड़ी बेटी अशवी चार और छोटी लवी दो साल की है। अग्निकांड में फैक्टरी को भी करीब एक सौ करोड़ रुपये का नुकसान होने का दावा किया गया था। फैक्टरी में अभी भी मलबा हटाने का काम चल रहा है।