ब्लॉक परिसर में मौजूद अपर जिलाधिकारी (वित्त और राजस्व) आरपी सिंह और पुलिस अधीक्षक सिटी अनिल यादव की मौजूदगी में नामांकन प्रक्रिया पूर्वाह्न में शुरू हुई। सबसे पहले मंजू देवी पत्नी हरवंश यादव ने पर्चा दाखिल किया। मंजू के बाद उनके पति हरवंश पहलवान ने भी नामांकन पत्र भरा। सपा प्रत्याशी पूर्व प्रमुख रत्नेश यादव समर्थकों के नामांकन कराने पहुंची। सपा जिलाध्यक्ष बनवारी सिंह यादव भी उनके साथ थे। जिलाध्यक्ष ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी बात की।
तीन नामांकन को लेकर जानकारों की मानें तो एक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले लेगा। इसके बाद सीधा मुकाबला होगा। इधर, नामांकन प्रक्रिया शांति पूर्ण ढंग से कराने के लिए पुलिस ने ब्लॉक परिसर के आसपास घेराबंदी कर प्रत्याशियों के समर्थकों को गेट से पहले ही रोक लिया था। दोनों पक्ष के उत्साहित समर्थकों पर भी पुलिस की नजर रही।
नजरबंद हैं अधिकतर मेंबर!
उझानी। ब्लॉक प्रमुख पद के लिए सात फरवरी को होने वाले चुनाव में क्षेत्र पंचायत के 104 सदस्य हिस्सा लेंगे। अमूमन नामांकन के वक्त ही तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाती है, लेकिन इस बार प्रत्याशियों के साथ प्रस्तावकों के अलावा कोई और सदस्य नजर नहीं आया। सूत्रों की मानें तो चुनाव में प्रत्याशियों की ओर से समर्थक सदस्यों को नहीं लाया गया। सदस्य इस वक्त कहां हैं, यह तो पुलिस और प्रशासनिक अफसरों को भी नहीं पता। उन्हें गोपनीय स्थान पर नजरबंद कर रखा गया है, जो वोट डालने के लिए मतदान के दिन ही आएंगे।
पति-पत्नी भी दूर-दूर
उझानी। क्षेत्र पंचायत के जिन वार्डों से महिला सदस्य निर्वाचित हुई थीं, उन में कुछ अपने नजदीकी प्रत्याशियों के पाले में हैं। उनके पति जरूर प्रत्याशियों के संपर्क में रहे, लेकिन जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आने लगा, वैसे ही उनके पतियों पर शिकंजा कसने लगा। चुनाव की वजह से महिला सदस्य और पति दूर-दूर हो गए हैं। इनमें ऐसे दंपति भी शामिल हैं जो दोनों प्रत्याशियों के खेमे में शामिल होकर उन्हें वोट का भरोसा दिला रहे हैं।