उझानी (बदायूं)। कोरोना संकट से उबरने के लिए लगाए गए लॉकडाउन में गरीब, असहाय परिवारों को अनाज की दिक्कत न हो, इसके लिए सरकार ने उपभोक्ताओं को आसानी से सस्ता राशन उपलब्ध कराने के लिए कदम बढ़ाए थे लेकिन कोटेदारों ने सरकार की मंशा पर पानी फेरने में जरा सी देर नहीं लगाई। अपने फायदे के लिए कोटेदारों ने अजीब फंडा अपनाया है। राशन कार्ड पर उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट तीन किलो गेहूं और दो किलो चावल वितरण करने की बजाय गेहूं-चावल मिलाकर एक किलो वजन कम देकर टरका दिया। किसी उपभोक्ता ने अगर कार्ड दिखाकर यूनिट अधिक गिनाए तो विभागीय स्तर से यूनिट फीडिंग में दिक्कत बताकर दो-तीन कम यूनिट का राशन सौंप दिया गया।
बृहस्पतिवार को आधा दर्जन से अधिक दुकानों पर सस्ता अनाज लेने आए उपभोक्ताओं को इस परेशानी का सामना करना पड़ा। अयोध्यागंज मोहल्ले की शहनाज भी पात्र गृहस्थी राशन कार्डधारक है। वह राशन लेने के लिए कोटेदार के पास पहुंची तो कोटेदार ने पांच यूनिट के हिसाब से उसे गेहूं और चावल तोल दिया। शहनाज ने आठ यूनिट के आधार पर राशन देने को कहा तो कोटेदार ने उसे विभागीय स्तर से यूनिट फीडिंग में दिक्कत बताकर टरका दिया। इसी मोहल्ले की रुखसाना पत्नी अनीस और शन्नू पत्नी सुदेश को भी शहनाज की तरह यूनिट के बराबर राशन नहीं मिला। साहूकारा निवासी कंचन पत्नी धर्मेंद्र का पुराना राशन कार्ड ही कोटेदार के पास जमा रहता है। कंचन अपने बेटे के साथ राशन लेने के लिए पुरानी अनाज मंडी पहुंची तो कोटेदार ने छह यूनिट पर 20 किलो गेहूं तोल दिया। आरोप है कि 10 रुपये अधिक वसूल किए गए। कंचन ने शुरू में तो कुछ नहीं कहा लेकिन वह घर से लौट कर राशन की दुकान पर फिर पहुंची कोटेदार ने 10 किलो चावल मुहैया कराके मामला निपटा दिया। महिलाओं की मानें तो बुधवार को वितरण के दौरान भी कोटेदारों ने ऐसा ही किया। गुस्साई महिलाओं ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।
कोटेदार ने टरकाया तो लोगों ने बढ़ाए मदद के हाथ
कछला के वार्ड नंबर एक निवासी कटोरी देवी पत्नी रामबाबू की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। रामबाबू मजदूरी करते हैं। कटोरी देवी बुधवार को कस्बे में ही कोटेदार के पास कार्ड लेकर राशन लेने के लिए पहुंची तो कोटेदार ने यूनिट फीड नहीं होने की कहकर उन्हें टरका दिया। कटोरी देवी ने लोगों के सामने दिक्कत बयां की तो मदद के हाथ बढ़े। जिसके बाद नगर पंचायत के सफाई निरीक्षक कुलदीप कश्यप और पड़ोसी मोहल्ले के कुलदीप पाली ने उसे अपनी ओर से राशन मुहैया कराया।
पॉस मशीन ने बढ़ाई उपभोक्ताओं की परेशानी
जिले में सुबह से ही राशन की दुकानों पर कोटेदारों ने राशन का वितरण का काम शुरू कर दिया। वहीं, आपसी दूरी के हिसाब से कोटेदारों ने लोगों को खड़ा कर राशन मुहैया कराया। कुछ जगहों पर एक-दो दर्जन उपभोक्ता ही राशन ले पाए थे कि पॉस मशीनों खराबी आना शुरू हो गई। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी हुई।
इस तरह का मामला अभी संज्ञान में नहीं आया है। इसको दिखवाते हैं। आम जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। साथ ही दुकानों पर औचक निरीक्षण भी किया जाएगा। - रामेंद्र प्रताप सिंह, डीएसओ