नई कालोनियां भी नियमों को ताख पर रखकर हो रहीं हैं विकसित
कोई भी शहर तब ही सुंदर लगता है जब योजना तरीके से उसे बसाया जाए। सड़कें लंबी चौड़ी हों। नाले-नालियां ऐसे हों ताकि जलनिकासी की कोई समस्या न हो। पर यह सब बदायूं शहर में नहीं हो रहा है। यहां पर जो भी नई कालोनियां विकसित हो रहीं हैं,वह मानकों को ताक पर रखें हैं। खास बात तो यह है कि शहर में जो भी नये भवन बन रहे हैं उनमें ज्यादातर तो ऐसे हैं जिनके नक्शे पास ही नहीं हैं। वह मनचाहे तरीके से निर्माण करा रहे हैं, जिसकी वजह से उन स्थानों पर सड़क-नाले-नालियों की आ रही है। जिम्मेदार महकमा भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
चूंकि बदायूं जिला मुख्यालय है सो आसपास नगरों के तमाम लोग यहां पर आकर बस गए हैं। उन्होंने विभिन्न स्थानों पर मकान के लिए प्लाट खरीद लिए हैं। जो अपने तरीके से ही निर्माण करा लेते हैं। वह विनियमित क्षेत्र से भवन का नक्शा भी पास नहीं कराते। ऐसे ही तमाम वजहें जिसकी वजह से शहर ठीक तरह से विकसित नहीं हो रहा है। शहर के सभी बाहरी स्थानों पर नये भवनों का निर्माण चल रहा है। या फिर लोगों ने प्लांट में नींव लगवा रखीअ है। जिस तरह से शहर बढ़ रहा है, उसकी कोई योजना नहीं है।
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ड्रेनेज सिस्टम भी नहीं होता
नई कालोनियों में ड्रेनेज सिस्टम सही नहीं होने के कारण पानी का निकास नहीं हो पाता है। कभी-कभी कालोनी के अंदर ही पानी भर जाता है या फिर पास के खेत में उसे निकाल दिया जाता है।
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होने चाहिए अच्छे-अच्छे पार्क
शहर में पार्क भी नहीं हैं। लोग कहते हैं कि जहां पर भी नई कालोनी बन रहीं हैं, वहां पर बच्चों को खेलने और लोगों के सुबह-शाम घूमने के लिए पार्क भी बनने चाहिए।
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बाइपास निकला, बिल्सी रोड की किस्मत जागी
शहर के अंदर बाहरी वाहनों के आने से अक्सर जाम लग जाता। इस समस्या को दूर कराने के लिए शासन ने बिल्सी रोड से बाइपास का निर्माण कार्य शुरूकरा दिया है, जो बरेली रोड पर जाकर मिलेगा। इसका निर्माण शुरू होने से बिल्सी रोड पर भी आबादी बढ़ने लगी है।