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एक घंटा 10 मिनट में कासगंज से रामगंगा पहुंची सीआरएस स्पेशल

Tue, 02 Jun 2015 11:28 PM IST
badaun
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दो दिन से चल रहे रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रभात कुमार वाजपेयी का निरीक्षण मंगलवार को स्पीड ट्रायल के बाद पूरा हो गया। शाम को विधिवत नारियल फोड़कर गति प्रशिक्षण का शुभारंभ किया। इसके बाद कासगंज से चली सात डिब्बों की सीआरएस स्पेशल 110 की स्पीड से नॉन स्टॉप चलते हुए महज एक घंटा दस मिनट में कासगंज से रामगंगा के बीच दौड़ते हुए सफर तय कर गई। प्रत्येक स्टेशन पर ट्रेन को देखने वालों की भीड़ का उत्साह देखने को मिला। बुधवार को ट्रेन कब चलेगी इसका निर्णय आने की उम्मीद है।
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एक जून को प्रस्तावित सीआरएस निरीक्षण मोटर ट्रॉली से बितरोई स्टेशन के मध्य हुआ। इस दौरान उन्होंने रास्ते के सभी समपार, पैनल, पुल, रिले आदि देखे। वहीं सोमवार को ही बितरोई के कछला की ओर बढ़ते हुए उन्होंने कछला पुल का भी निरीक्षण कर लिया। मंगलवार को दूसरे दिन तय समय के अनुसार उन्होंने पुन: बितरोई से निरीक्षण प्रारंभ किया और कछला पुल को देखते हुए कासगंज तक निरीक्षण करते हुए गए। इस बीच उन्होंने कछला पुल को बारीकी से परखा। यहां तक की एक-एक एंगिल को पैनी नजर से देखा। साथ में चल रही टीम ने भी बारीकी से कार्य को परखा। इसके बाद सीआरएस वाजपेयी रास्ते में पडने वाले स्टेशन, समपार, पुल, पैनल, रिले आदि को देखते हुए कासगंज पहुंचे। जहां से उन्होंने स्पेशल ट्रेन के आगे नारियल तोड़कर शुभारंभ किया। इसके बाद शाम चार बजकर 25 मिनट पर कासगंज से चली सीआरएस स्पेशल नॉन स्टॉप 110 की स्पीड में नए ब्राडगेज ट्रैक पर दौड़ते हुए चली गई, जो प्रत्येक स्टेशन से गुजरते हुए महज एक घंटा 10 मिनट में रामगंगा पहुंच गई। 100 किलोमीटर का सफर ओके पाया। पीआरओ एनईआर राजेंद्र सिंह ने बताया कि ट्रायल सफल रहा है। 110 की गति से ट्रेन चलाई गई। जल्द ही संभवत बुधवार को ही ट्रेन कब चलाई जाएगी इसका निर्णय आने की उम्मीद है। एक सप्ताह में चलना लगभग तय है। इस मौके पर मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एसएल वर्मा, मुख्य इंजीनियर(निर्माण)उत्तर, राम जनम, मुख्य संरक्षा अधिकारी एनके अंबिकेश मुख्य प्लानिंग एवं डिजाइन इंजीनियर एसके मिश्रा, मंडल रेल प्रबंधक, इज्जतनगर चंद्र मोहन जिंदल, उप मुख्य इंजीनियर (निर्माण)राजीव अग्रवाल, उप मुख्य सिग्नल एवं दूर संचार इंजीनियर मुकुल अग्रवाल सहित निर्माण संगठन के अधिकारी एवं मंडल के शाखाधिकारी निरीक्षण के दौरान साथ रहे।


बदायूं स्टेशन से धूल उड़ाती हुई निकल गई सीआरएस स्पेशल
कासगंज की ओर से गति प्रशिक्षण करती हुई आ रही सीआरएस स्पेशल जैसे ही उझानी स्टेशन से निकली तो वहां के लोगों ने बदायूं में परिचितों को को सूचना देना शुरू कर दी। जबकि ट्रेन के इंतजार में पहले से भी भीड़ जमा थी। जैसे ही ट्रेन नवनिर्मित पुल के पास से गुजरते हुए दिखाई दी तो लोग प्लेटफार्म से सटकर खड़े होकर देखने लगे। लेकिन हाईस्पीड होने के कारण धूल उड़ाती हुई सामने आ रही ट्रेन को टकाटकी लगाकर देखने की कोशिश कोई नहीं कर सका। फर्राटा भरती हुई मुख्य पटरी से गुजरी ट्रेन स्टेशन से धूल उड़ाते हुए पल भर में आंखों से सामने से ओझल हो गई। ट्रेन के गुजरते ही लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आने लगी। लोगों की चर्चा रहीं की जल्द ही वह अब बदायूं से ट्रेन के सफर का आनंद ले सकेंगे। पुल पर भी लोगों ने चढ़कर ट्रेन को गुजरते हुए देखा। इस दौरान लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला।
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स्पीड के साथ और भी हो गए एकसाथ हो गए प्रशिक्षण
स्पीड ट्रायल से जहां गति प्रशिक्षण किया गया। वहीं ऑपरेटिंग सतर्कता, समपार की स्थिति, पुल, सिग्नल आदि का भी एक साथ प्रशिक्षण हो गया। राजेंद्र सिंह ने बताया कि इसमें सतर्कता बेहद जरूरी है। जो गति प्रशिक्षण में देखी गई।

12 स्टेशन, 21 पुल, 62 समपार का किया निरीक्षण
रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस) प्रभात कुमार वाजपेयी ने एक व दो जून को मोटर ट्रॉली से निरीक्षण कर रामगंगा से बितरोई तथा बितरोई से कासगंज के मध्य 12 स्टेशन, 21 पुल, 62 समपार को निरीक्षण किया। इसके अलावा नवनिर्मित सीमित ऊंचाई वाले पुलों का गहनता से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टेशन मास्टरों, समपार फाटकों पर तैनात गेटमैन का सरंक्षा नियमों के ज्ञान को परखा।
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कासगंज से 4.25 पर चली, 5.35 पर रामगंगा पहुंची
कासगंज स्टेशन से सीआरएस स्पेशल शाम चार बजकर 25 मिनट पर चली जो एक घंटा दस मिनट में सफर तय करती हुई रामगंगा पांच बजकर 35 मिनट पर पहुंच गई।
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