कादरचौक। रामलीला कमेटी की ओर से शुक्रवार को कस्बे में श्री राम बरात निकाली गयी। बैंड बाजों के साथ निकली राम बरात में आकर्षक झांकियां शामिल रहीं।
राधाकांत मंदिर रामलीला प्रांगण से शुरू हुई राम बरात मुख्य चौराहे से नगर भ्रमण पर निकली। विभिन्न मार्गों से होती रामलीला परिसर में ही संपन्न हुई। जगह-जगह पुष्प वर्षा से लोगों ने राम बरात का स्वागत किया। काली अखाड़ों के करतब और स्वचालित झांकियों ने लोगों का मनमोह लिया। बैंड राम भजन धुन से माहौल को गुंजायमान करते रहे। झांकियों में राधाकृष्ण, शंकर भगवान, बजरंग बली की झांकियां सराही गईं। राम, लक्ष्मण, भरत शत्रुघ्न दूल्हा वेश में निकले। जगह-जगह जयकारों के साथ इनकी आरती उतारी गई।आसपास गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग राम बरात देखने पहुंचे। इंस्पेक्टर धनंजय सिंह के साथ भारी पुलिस बल सुरक्षा में लगा रहा। संवाद
बेलोन से लाई अखंड ज्योति स्थापित
बदायूं। बिसौली में मां दुर्गा की महिमा से आलोकित 36 वर्षीय परंपरा के तहत अखंड ज्योति की स्थापना की गई। युवा क्लब ने नवदुर्गा महोत्सव का शुभारंभ भक्ति-भाव के साथ किया। माता बेलोन देवी मंदिर से अखंड ज्योति लाकर नगर के मध्य स्थित श्री लक्ष्मी नारायण बड़ा मंदिर में प्रतिष्ठित की गई। जैसे ही ज्योति प्रतिष्ठापित हुई, मंदिर परिसर जय माता दी के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। आयोजकों ने बताया कि दो अक्तूबर को नगर में विशाल शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इसमें गणेश मंडल बिसौली, शिव भोले कांवड़सेवा समिति और सीता मंदिर कीर्तन मंडल का विशेष योगदान रहेगा। इस अवसर पर समिति सदस्य क्षितिज मिश्रा, अभय वर्मा, नीरज सौरव महाजन, राजेश रस्तोगी, अपूर्व देवेश भारद्वाज, अवनीश भारद्वाज, चंद्रपाल शर्मा, संजीत रस्तोगी, विभु गर्ग, शिवम, परमात्मा शरण अग्र, दीपक मिश्रा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु लगे रहे। संवाद
राम के पैर धोकर केवट ने नाव पर बैठाया
जगत /अलापुर। ब्लॉक परिसर में रामलीला महोत्सव में दिन की रामलीला में प्रभु श्री राम लक्ष्मण व सीता को नदी पार कराया गया। राम को केवट से विनती करते दिखाया गया। केवट कहते हैं कि जिनकी चरण रज से पत्थर स्त्री बन गई। कहीं उनकी नाव को कुछ हो गया तो वह क्या करेंगे। बाद में उन्होंने राम के चरण धोए और नदी पार कराया। इस दौरान डॉ केशव कुमार शर्मा, अनिल भारद्वाज, सुनील गुप्ता,महेंद्र प्रजापति, देवेंद्र यादव, उमेश सक्सेना, अरविंद आदि का विशेष सहयोग रहा। संवाद
परशुराम -लक्ष्मण संवाद का मंचन
दबतोरी। गांव में चल रहे 36वें रामलीला महोत्सव के तीसरे दिन धनुष यज्ञ व परशुराम -लक्ष्मण संवाद का मंचन किया गया। खास बात यह रहीं कि स्थानीय कलाकार ही श्री राम लीला का मंचन कर रहे हैं। मंचन के दौरान राजा जनक ने घोषणा की कि जो शिव धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाएगा उसी के साथ सीता का विवाह होगा। तमाम राजा धनुष नहीं तोड़ सके और लज्जित होकर बैठ गए। भगवान राम ने धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई तो धनुष टूट गया। देवताओं ने पुष्प वर्षा की। परशुराम का आगमन हुआ और उनका लक्षण से रोचक संवाद हुआ। अंत में भगवान राम परशुराम से अनुनय विनय करते हैं और परशुराम शांत हो जाते हैं। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुति को देख दर्शकों ने उनके अभिनय की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर अवधेश भदौरिया,धनपाल सिंह, उमेश भदौरिया, ओमेंद्र भदौरिया, रामवीर पाठक, दिनेश मिश्रा अशोक शर्मा आदि मौजूद रहे।
कादरचौक में निकली राम बरात में शामिल बजरंगबली की झांकी। संवाद
कादरचौक में निकली राम बरात में शामिल बजरंगबली की झांकी। संवाद