मौसम खुशगवार होने से लोगों को मिली गर्मी से राहत
तेज गर्मी में हजारों रुपये खर्च करने को मजबूर किसानों की आरजू और मिन्नत रंग लाई। सोमवार रात और मंगलवार को दिन में हुई रिमझिम बारिश से खेती और बागवानी के लिए संजीवनी साबित हुई। वहीं मौसम खुशगवार होने की वजह से लोगों को गर्मी से भी निजात मिल गई।
सोमवार को मौसम दिन में खुशगवार रहने के बाद देर रात और मंगलवार सुबह को रिमझित बारिश हुई। मंगलवार को दिन में कई बार सूर्यदेव ने अपनी तेजी दिखाने की कोशिश की, लेकिन बादलों ने उन्हें अपने आगोश में रखा।
सुबह स्कूल जाते बच्चे, मॉर्निंग वॉक पर निकले युवा वर्ग ने भी रिमझिम फुहारों का आनंद लिया। वहीं कॉलेजों में जाने वाले छात्र-छात्राएं भी अपनी बाइक और स्कूटी से बारिश का मजा लेते रहे। यह बारिश सूख रही फसलों के साथ ही आम एवं सब्जियों के लिए संजीवनी बनकर बरसी।
अब बर्बाद नहीं होगी अरबी की फसल
ललुआनगला के किसान अमर सिंह ने कहा कि अरबी की खेती में सबसे ज्यादा सिंचाई करनी पड़ रही थी। बावजूद इसके फसल बर्बाद हो रही थी, अब सिंचाई से राहत मिलने के साथ ही उत्पादन अच्छा होगा।
मक्का की खेती को मिल गया जीवनदान
दबतोरी क्षेत्र के किसान भूरे सिंह ने बताया कि मक्का की फसल सूख रही थी। इस बारिश से उसे जीवनदान मिल गया। इससे मक्के का दाना भी मोटा होगा। साथ ही उन लोगों को पानी कम लगाने पड़ेंगे।
अब बढ़ेगी तरबूज-खरबूजा की पैदावार
किसान सुरेंद्र सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में तमाम किसानों ने तरबूज और खरबूजे की खेती की है। इन फसलों में सिंचाई के बावजूद तरबूज की बढ़वार रुकी हुई थी। अब तरबूज की बढ़वार में तेजी आएगी।
मेंथा की बढ़वार में आएगी तेजी
किसान पप्पू सिंह ने बताया कि उनके गांव एवं आसपास के तमाम किसानों ने मेंथा की फसल बोई है। अधिकांश खेतों में पौधे सिंचाई के बावजूद नहीं बढ़ रहे थे। अब पौध आगे बढने के साथ पैदावार भी बढ़ेगी।
तेज गर्मी होने के बाद बारिश होने से मौसम आद्र्रता बढ़ गई, जिससे खेतों में नमी हो गई। तेज धूप की वजह से जिन फसलों की बढ़वार रुकी थी, उसमें तेजी आएगी। बुधवार को बादल छाए रहेंगे और धूप भी निकलेगी। तेज बारिश होने की संभावना नहीं है, लेकिन बूंदाबांदी जरूर हो सकती है।
-मनमोहन सिंह, मौसम वैज्ञानिक, गन्ना शोध परिषद, शाहजहांपुर
यह बारिश आम, मक्का, मेंथा, गन्ना, लतावर्गीय फसलें तरबूज, खरबूजा, ककड़ी आदि के लिए काफी लाभदायक है। इससे सिंचाई की बचत के साथ ही पैदावार काफी बढ़ जाती है। इस दौरान जुताई कराने से खेतों में नुकसान देने वाले जीवाणु मर जाते हैं और जल धारण करने की क्षमता बढ़ जाती है।
डॉ. आरपी सिंह, कृषि वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र
किसानों को ये होंगे यह फायदे
1. बारिश के बाद ग्रीष्मकालीन जुताई जरूर कराएं।
2. ग्रीष्मकालीन जुताई मर जाते हैं हानिकारक जीवाणु।
3. ग्रीष्मकालीन जुताई से मृदा की जलधारण क्षमता बढ़ी।
4. बारिश होने से सिंचाई में मिलेगी राहत।
5. फसलों की पैदावार एवं बढ़वार में आएगी तेजी।