उझानी (बदायूं)। पहले तेज बारिश फिर अगले दिन सुबह में बूंदाबांदी ने सरसों और लहटा के साथ सब्जी फसलों के लिए फायदा पहुंचाया है। सब्जी फसलों में गोभी, टमाटर, शिमला मिर्च और देसी मिर्च लहलहा उठी, तो आलू के लिए अच्छे दिनों का आगाज हो गया। यहां तक कि गेहूं की बुआई के लिए खेत में पलेवा पर किसानों को कोई खर्चा नहीं करना पड़ा। बेमौसम बारिश की वजह से फायदे के साथ ही किसानों के चेहरे खिल गए हैं।
रवि की फसलों में सरसों और लहटा इन दिनों खेतों में है। दोनों फसलों का पिछले साल के मुकाबले इस बार करीब 10 फीसदी रकबा भी बढ़ा है। अगेती सरसों की फसल फूल पर है। लहटा हालांकि बढ़वार की ओर है लेकिन दोनों ही फसलों को बारिश ने फायदा पहुंचाकर उत्पादकों के लिए एक सिंचाई की बचत कर दी है। सब्जी फसलों में आलू, फूल गोभी, शिमला मिर्च, पत्ता गोभी, देसी मिर्च, पत्तीदार सब्जियों में पालक, मेथी के लिए बारिश मुफीद रही। सबसे अच्छी बात तो यह कि बारिश और बूंदाबांदी से पत्तीदार सब्जियों और अन्य फसलों पर प्रदूषण के चलते कार्बन छा गया था, वह बारिश के साथ ही बह गया। इसके अलावा अगेती गेहूं के लिए भी संजीवनी मिली है। हालांकि अधिकतर रकबा में गेहूं की बुआई होनी है लेकिन खेत की तैयारी में जुटे किसानों के लिए खेत का पलेवा भी नहीं करना पड़ा। अब किसान गेहूं की बुआई में लग गए हैं।
दो दिन के दौरान बारिश की वजह से मौसम में नमी का माहौल बना है। सब्जी फसलों को ज्यादा फायदा हुआ है। नुकसान किसी भी फसल को नहीं है। बारिश फिर होने के आसार कम हैं लेकिन अगर तेज बूंदाबांदी होती है तो गेहूं की बुआई प्रभावित हो सकती है। सिंचाई बच जाने से किसान आर्थिक फायदे में हैं।
- डॉ. संजय कुमार, प्रभारी अधिकारी, कृषि विज्ञान केंद्र