एक सप्ताह बाद सीआरएस के निरीक्षण के बाद दौड़ने लगेंगी ट्रेनें
दबतोरी (बदायूं)। चंदौसी-बरेली रेल मार्ग पर सोमवार दोपहर बाद पूजा अर्चना के साथ इलेक्ट्रिक इंजन का ट्रायल हुआ। चंदौसी से आंवला तक ट्रायल पूरा होने पर अधिकारी भी खुश नजर आए। अब एक सप्ताह बाद इस रूट पर सीआरएस के निरीक्षण के बाद इलेक्ट्रिक इंजन से संचालित ट्रेनें दौड़ने लगेंगी।
अब तक मुरादाबाद और अलीगढ़ बरेली रूट पर डीजल के इंजन वाली ट्रेनें चल रहीं थीं। इससे रेलवे का काफी ईंधन खर्च हो रहा था, वहीं यात्रियों का अधिक समय बर्बाद हो रहा था। एक साल पहले केंद्र सरकार ने मुरादाबाद से अलीगढ़ और बरेली तक विद्युतीकरण करने का बजट पास किया। तब से इस लाइन पर विद्युतीकरण का कार्य चल रहा था। जुलाई में मुरादाबाद से चंदौसी के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो गया और इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रायल भी हो गया। सोमवार को रेल अधिकारियों ने चंदौसी और आंवला के बीच विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने पर ट्रायल किया। ट्रायल में कोई दिक्कत नहीं होने पर अधिकारियों में खुशी का माहौल रहा। अब एक सप्ताह में चीफ कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (सीआरएस) का निरीक्षण होने के बाद इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें सीधे मुरादाबाद से चंदौसी तक दौड़ने लगेंगी। रविवार रात इस लाइन के विद्युतीकृत तारों पर सप्लाई चालू कर दी गई। अब लगातार सप्लाई जारी रहेगी।
चंदौसी से आंवला तक सफल ट्रायल हो चुका है। एक सप्ताह में चीफ कमिश्नर आफ रेलवे सेफ्टी का निरीक्षण होना तय है, जिसके बाद मुरादाबाद से सीधे चंदौसी तक इलेक्ट्रिक ट्रेनें आना शुरू हो जाएंगी। जनवरी में विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने पर बरेली तक सीधी ट्रेनों का संचालन शुरू हो जाएगा।
-जितेंद्र कुमार, सीनियर डिवीजन इलेक्ट्रिक इंजीनियर
इलेक्ट्रिक इंजन से दोपहर बाद सोमवार को आंवला और चंदौसी के बीच अपडाउन ट्रॉयल किया गया जो सफल रहा।
-वीरेंद्र कुमार मीना, स्टेशन मास्टर दबतोरी