नेपाल भूकंप पीड़ितों का दु:ख-दर्द बांटने के साथ तीन हजार 55 मीटर ऊंची चोटियों पर भारी तबाही की मार झेल रहे नेपाल के मकवानपुर और चितवन जिलों के गांवों में 100 लोगों को आशियाने और 500 भूकंप पीड़ित परिवारों को राहत सामग्री वितरण कर स्काउट टीम वापस लौट आई है।
स्काउट भवन प्रशिक्षण केंद्र से सात मई की सुबह सात बजे स्काउट टीम राहत लेकर नेपाल रवाना हुए थे। संस्था के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना के नेतृत्व में भूकंप पीड़ितों की सहायतार्थ जिला संगठन कमिश्नर प्रवेश कुमार सिंह राठौर, जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्म, कार्यकारिणी सदस्य गंगा सिंह राठौर, जिला स्काउट मास्टर मोहम्मद असरार, शिक्षक कुंवरसेन, राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त महेश चंद्र पाठक, एमजीपी कॉलेज उझानी के श्रवण कुमार थरेजा, प्रधानाचार्य सत्यपाल गुप्ता, राज्य पुरस्कार प्राप्त पंकज कुमार, स्काउट हिमांशु सैनी, सह समन्वयक डॉ. जुगल किशोर, बोधेंद्र पटेल नेपाल गए थे। जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने बताया कि नेपाल के मकवानपुर और चितवन जिलों में लेखपालों द्वारा बनाई गई भूकंप पीड़ितों की सूची के अनुसार पुलिस के सहयोग से स्काउट टीम ने राहत सामग्री मकवानपुर जिले के गांव दुम्सी खर्क, डांडा खर्क, लामी डांडा गांव, सिमभज्ज्यांग गांव और चितवन के निपानी, परासी गांवों में वितरण की। इतनी ऊंचाई पर दुर्गम रास्तों को पार करते हुए जरूरतमंदों को राहत सामग्री पहुंचाने का कार्य स्काउट टीम जुटा पाई। टीम ने कई स्थलों पर आशयाने बनाने का कार्य भी किया। डॉ. उमेश गौड़, इला जौहरी, महेंद्र कुमार वर्मा, मनीष शंकर, उमेश रस्तोगी, अजय सागर शर्मा, वेद प्रकाश गुप्ता, इंद्रेश रस्तोगी, जगदीश प्रसाद शर्मा, क्षितिज वैश्य, सुरेश चंद्र शर्मा, आरडी शर्मा, डॉ. विष्णु प्रकाश मिश्र, सुरेश चंद्र सक्सेना, मुकेश रस्तोगी, बलवीर सरन रस्तोगी, वीरेंद्र धीगड़ा, रवि सक्सेना आदि ने सराहना की है।