रुपये न मिलने की वजह से लोगों में पनप रहा आक्रोश
शहर की बैंक शाखाओं में जहां राहत हो गई है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र की बैंक शाखाओं में मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती जा रही हैं। शुक्रवार को जिले में कई बैंकों की शाखाओ के बाहर लोगों ने प्रदर्शन करते हुए रुपये जमा और निकासी कराए जाने की मांग की। शाखा प्रबंधकों ने कैश न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लिया। परेशान लोगों में लगातार गुस्सा बढ़ता ही जा रहा है।
बिल्सी। अंबेडकर समाजवादी पार्टी के कार्यालय में हुई बैठक में मंडल अध्यक्ष प्रेमपाल गौतम ने कहा कि हजार और पांच सौ रुपये के नोट प्रतिबंध लगाने का विरोध करते हुए कहा कि इससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मौके पर मंडल महासचिव रविशंकर सागर, राजेश कुमार, साबिर हुसैन, दयाराम, नरेश पाल, गौतम, राजपाल कश्यप, विवेकानंद, सत्यपाल भारती आदि मौजूद रहे। आल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (एप्जा) के सदस्यों ने मोहल्ला आठ में बैठक करके विरोध किया। इस मौके पर डॉ. एमआई नूरी ने विचार व्यक्त किया।
बिसौली। नोटबंदी के दौरान बैंकों से जुड़े बिजनेस करस्पोंडेंट नाजायज लाभ ले रहे हैं। इससे ग्रामीण परेशान हो रहे हैं। ग्राम हत्सा का बिजनेस करस्पोडेंट इस समय ग्राहकों से रकम जमा करने व निकासी के लिए अतिरिक्त रकम ले रहा है। मना करने वालों को रकम जमा या निकासी से वंचित कर दिया जाता है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत बैंक के शाखा प्रबंधक को पत्र देकर की है।
दबतोरी। कस्बे की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक शाखा में नोट लेने और जमा करने के लिए भारी भीड़ रही, लेकिन करेंसी ना आने पर लोगों को तीसरे दिन भी नोट नहीं मिले तो लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा। उन्होंने प्रदर्शन कर रोष जताया।
सहसवान। नोट बंदी के बाद से बैंक शाखाओं के बाहर लगने वाली कतारों में आंशिक कमी आई है, लेकिन बड़ी संख्या में लोग अपने खातों में रुपये जमा करने और निकालने के लिए बैंकों पर पहुंच रहे हैं। शुक्रवार को भी एसबीआई मेन ब्रांच, सेंट्रल बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के बाहर सुबह से ही लोगों ने लाइनें लगाकर लोगों ने दो-दो हजार रुपये निकाले।
सैदपुर। लेनदेन को लेकर बैंकों सुबह से लोग जमा हो रहे है। शुक्रवार को कैश जमा न होने के कारण लाइन में खड़े लोगों ने परेशान होकर हंगामा किया। पुलिस और बैंक के कर्मचारियों ने बमुश्किल इन लोगों को शांत कराया।
गुलड़िया। कस्बे की सर्व यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा में रुपये न मिलने की वजह से लोगों को परेशानी हो रही है। किसानों को जहां खाद और बीज मिलना मुश्किल हो रहा है। वहीं, तमाम लोगों को शादी ब्याह जैसे जरूरी कार्यों के लिए रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। इससे आक्रोश बढने लगा है।
उसहैत। कस्बे में स्थित एक राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में दलालों ने डेरा जमा लिया है। यह दलाल सेठ, व्यापारी और नेताओं के रुपये प्राथमिकता के आधार पर बदलवा देते हैं, जबकि गरीब लोग खड़े-खड़े परेशान होते रहते हैं।