उझानी (बदायूं)। सकरी जंगल में हाईटेंशन लाइन ठीक करते समय बिजली सप्लाई शुरू हो जाने के बाद लाइनमैन की मौत पर मंगलवार को गुस्सा फूट पड़ा। पोस्टमार्टम कराके शव बिजली उपकेंद्र पर लेकर पहुंचे मृतक के घरवालों और ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा कर दिया। घरवालों ने अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाया तो नोकझोंक हो गई। एक्सईएन ने लोगों के गुस्से के मद्देनजर पुलिस को बुला लिया। ग्रामीणों समेत लाइनमैन के घरवालों को गुस्सा तब शांत हुआ, जब एक्सईएन ने मृतक की पत्नी को पांच लाख रुपये का चेक सौंपा। इसे लेकर परिसर में काफी देर तक अफरातफरी का माहौल बना रहा।
हादसा सोमवार शाम करीब पांच बजे का था। कादरचौक क्षेत्र के गांव नगला शेखपुरा निवासी चरन सिंह (40) बतौर संविदा लाइनमैन असरासी उपकेंद्र पर तैनात था। पुलिस ने देर रात ही शव को कब्जे में ले लिया था। मंगलवार पूर्वाह्न में लाइनमैन के शव का पोस्टमार्टम हुआ। मृतक के भाई अनोखेलाल ने बताया कि चरन सिंह की मौत बिजली विभाग के कर्मचारियों की लारवाही की वजह से हुई है। एक्सईएन समेत एसडीओ को भी अवगत कराया गया था, लेकिन मृतक के प्रति अफसरों में संवेदना नजर नहीं आई। इसी गुस्से में दोपहर बाद शव लेकर उझानी उपकेंद्र पर पहुंचे मृतक के घरवालों और ग्रामीणों ने हंगामा कर दिया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच ग्रामीणों और बिजली अफसरों के बीच नोकझोंक भी हो गई।
ग्रामीणों समेत मृतक के घरवालों के गुस्से के मद्देनजर एक्सईएन प्रवेश कुमार ने कोतवाली फोन करके पुलिस को बुला लिया। प्रभारी निरीक्षक विनोद कुमार चाहर ने ग्रामीणों से बात कर उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन मृतक के घरवाले मौके पर चेक मुहैया कराने की जिद पर अड़ गए। इसके चलते एक्सईएन समेत अफसरों को चेक से जुड़ी अभिलेखीय औपचारिकताएं भी आननफानन में पूरी करनी पड़ गईं। करीब दो घंटे के बाद मृतक की पत्नी रूबी देवी को विभागीय स्तर से पांच लाख रुपये का चेक सौंपा गया, तब कहीं जाकर ग्रामीणों को गुस्सा शांत पड़ा।
मृतक लाइनमैन के घरवालों से एक्सईएनऔर मैंने हादसे के तुंरत बाद और सुबह में भी बात की। उनसे कहा गया था कि वह आधारकार्ड मुहैया करा दें, लेकिन दोपहर तक किसी ने सुध नहीं ली। लोगों ने बेमतलब गुस्सा किया। अब चेक सौंप दिया गया है।
- मयंक वर्मा, एसडीओ।