बदायूं। राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के बैनर तले अवर अभियंताओं/ प्रोन्नत अभियंताओं का धरना बुधवार को जिला कार्यालय पर शुरू हो गया। उन्होंने उर्जा प्रबंधन और शासन से कर्मचारियों की भविष्य निधि के तहत जमा धनराशि को सुरक्षित रखने जाने के लिए शासनादेश की मांग की है। वहीं धरने के चलते 22 गांवों में बिजली सप्लाई बाधित रही।
जिला सचिव पवन कुमार सिंह ने बताय कि उर्जा निगम में जीपीएफ/सीपीएफ ट्रस्ट के माध्यम से विद्युत कर्मचारियों की भविष्य निधि राशि के अरबों रुपये जमा है। जिसमें हाल ही में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। ऐसे में सभी कर्मचारियों ने उर्जा प्रबंधन व शासन से इसे सुरक्षित रखने की गांरटी मांगते हुए शासनादेश जारी करने को कहा है। साथ ही जीरो टालरेन्स नीति के तहत उप्र उर्जा निगम के पीएफ महाघोटाले की सीबीआई से जांच कराकर आरोपियों के विरुद्घ कड़ी कार्रवाई कराने की मांग की। धरना प्रदर्शन में डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ के जिलाध्यक्ष अरुण कुमार सिंह ने संगठन की तरफ से पूर्ण समर्थन की घोषणा की। महसंघ के अवर अभियंता प्रमोद कुमार शर्मा ने कहा कि हर कर्मचारी का हक उसे मिलना चाहिए। वहीं मुख्य ट्रांसफार्मर में खराबी आने से 22 गांवों में बिजली सप्लाई ठप रही। जिसे सही नहीं किया जा सका। धरने के दौरान विद्युत कार्यालय सहायक संघ से जिलाध्यक्ष डीके अग्रवाल, महेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
ट्रांसफार्मर की खराबी नहीं हो सकी दुरुस्त
अपनी मांगों को लेकर पावर कारपोरेशन के अवर अभियंता आज से धरने पर बैठ गए हैं। इसके चलते क्षेत्र में बिजली सप्लाई को लेकर सामने आ रही समस्याओं का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। बुधवार को कुरुऊ बिजली उपकेंद्र के मुख्य ट्रांसफार्मर में कुछ खराबी आने के कारण सप्लाई ठप हो गई। जेई के हड़ताल में शामिल होने की वजह से विभाग के अन्य अधिकारी अब उसे सही करने में लगे हुए हैं। लेकिन रात तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया था। ऐसे में सुबह से कुरुऊ के अलावा अन्य 21 गांवों की बिजली सप्लाई भी ठप पड़ी है।