बदायूं। करीब डेढ़ महीने से उझानी सीएचसी के एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप सिंह के खिलाफ आंदोलन कर रहीं आशा वर्कर संगिनी ने कार्रवाई न होने पर कार्य बहिष्कार की चेतावनी दी है। उनका आरोप है कि कार्यस्थल पर एमओआईसी का व्यवहार उचित नहीं है। बृहस्पतिवार को आशा वर्कर और संगिनी ने सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह से मिलकर कार्रवाई की मांग की।
करीब डेढ़ महीने पहले आशा संगिनी और वर्कर उझानी में एमओआईसी के खिलाफ अधिकारियों के वाहनों के आगे लेट गई थीं। तब डीएम कुमार प्रशांत ने एडीएम वित्त के नेतृत्व में चार सदस्यों की जांच कमेटी से जांच कराई। संगिनी और आशा वर्कर का कहना है कि जांच कमेटी ने एमओआईसी को हटाने की सिफारिश की थी। इसके बावजूद अब तक एमओआईसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। बुधवार को मालवीय आवास पर धरना देने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी दिया था। बृहस्पतिवार को सीएमओ ऑफिस पहुंचीं संगिनियों और वर्कर ने यह तक कहा कि एमओआईसी खुद को कृष्ण कन्हैया बताता है। आरोप लगाया कि अब उन्हें सेवाएं समाप्त कराने की धमकी दी जा रही है। सीएमओ डॉ. यशपाल सिंह ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है।