3000 करोड़ से बनेगी नहर, 1,39,665 हेक्टेयर कृषि एरिया होगा लाभान्वित
सर्वे पूरे, केंद्रीय कार्यालयों से मिल रहीं हैं एनओसी
बाधाएं दूर होती देख जिले के बाढ़ खंड ने लगे हाथों 3,000 करोड़ का प्रस्ताव भी स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। करीब छह महीने में बची औपचारिकताएं पूरी होने की संभावनाएं हैं। इससे जिले की प्रमुख रुप से तीन तहसील सहसवान, बिल्सी और बिसौली को सिंचाई में फायदा मिलेगा।
ऐसा होगा लिफ्ट कैनाल का स्वरूप
नरौरा बैराज से करीब 20 किमी तक ग्रेबिटी कैनाल आएगी। जहां धनवारा गांव में लिफ्टिंग सिस्टम लगेगा। करीब 32 किमी आगे मुख्य कैनाल जाएगी। इस प्रकार करीब 52 किमी मुख्य कैनाल होगी। मुख्य कैनाल में शाखाओं समेत 445 किमी कैनाल बनेंगी। इससे 1,39,665 हेक्टेयर कृषि एरिया लाभान्वित होगा। इसमें संभल और बदायूं के डार्क ब्लाक एरिया भी शामिल हैं।
भूगर्भ विभाग भी कर चुका है सर्वे का काम
भूगर्भ जल विभाग भी जल्द ही अपने सर्वे की रिपोर्ट देगा। अबतक इन विभागों में लिफ्ट कैनाल की फाइलें पहुंचाई गई थीं, लेकिन अब इन फाइलों पर कार्यवाही शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग के साथ भूगर्भ जल विभाग की सर्वे रिपोर्ट आ जाने के बाद दोनों मुख्य केंद्रीय विभाग जब इसे हरी झंडी दे देंगे तो आगे का आम आसान हो जाएगा।
विलंब में बढ़ गई लिफ्ट कैनाल की राशि
लिफ्ट कैनाल के लिए अपनाई जा रही प्रक्रिया को एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। प्रदेश शासन की बहुउद्देश्यीय परियोजना को पूर्व में 1,850 करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव था, लेकिन अब यह राशि बढ़कर 3000 करोड़ हो गई है।
इन तहसीलों को मिलेगा सिंचाई का लाभ
सहसवान, बिल्सी
और बिसौली
डार्क ब्लाकों का उद्धार
इस्लामनगर, सहसवान,
अंबियापुर और आसफपुर
लाभान्वित होने वाले जिले
बदायूं और संभल
इस प्राोजेक्ट पर एक्सईएन बाढ़ खंड बदायूं, इंतियाजुर्रहमान का कहना है कि बड़े प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में कई औपचारिकताएं पूरी होने की कगार पर हैं। जल्दी ही इनके लिए ये औपचारिकताएं पूरी हो जाएगी। 3,000 करोड़ की कार्ययोजना तैयार कर भेज दी गई है। लगभग छह माह का समय और लग सकता है। जिले की बड़ी परियोजना को हरी झंडी मिल जाएगी।
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