मैच करा रहे पीटीआई और रेफरी द्वारा परिणाम को रद्द करने की मांग को लेकर उन्हें भी चुप करा दिया गया। इस बीच अन्य ब्लाकों के शिक्षकों ने परिणाम का विरोध करना शुरू कर दिया और आपस में झगड़ने लगे। मामला वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी सोमनाथ विश्वकर्मा के पास पहुंचा तो उनके सामने भी शिक्षकों का गुस्सा कम नहीं हुआ और उन्होंने अंक तालिका रजिस्टर में ब्लाक की स्थिति के बारे में जानकारी दी। सोमनाथ विश्वकर्मा द्वारा सभी शिक्षकों को शांत कराया और मामले के बारे में बीएसए से बात करने का आश्वासन दिया। वरिष्ठ खंड शिक्षा अधिकारी द्वारा आश्वासन दिए जाने के बाद शिक्षक शांत हुए। बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा से इस बारे में पूछने पर उन्होंने बताया कि क्रीड़ा रैली को पारदर्शिता के साथ कराया गया है। जो प्रतियोगिताएं बाकी रह गईं हैं उन्हें भी कराया जाएगा। बरेली में होने वाली मंडलीय क्रीड़ा रैली को जीतने के लिए बेहतरीन खिलाड़ियों को चयनित कर भेजा जाना है। इसके लिए जीते हुए खिलाड़ी और टीमों का दो दिन का ट्रायल भी लिया जाएगा। यदि इन खिलाडिय़ों के अलावा भी जो खिलाड़ी जनपदीय रैली में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके हैं उनका भी ट्रायल लिया जाएगा।
जिला व्यायाम शिक्षक ने दौड़ा दिया अपना बेटा
पुलिस परेड ग्राउंड में हो रही परिषदीय विद्यालयों की क्रीड़ा रैली में सोमवार को बेहद रोचक मामला सामने आया। जिला व्यायाम शिक्षक रामदास यादव ने ग्राउंड में हो रही 600 और 400 मीटर दौड़ में अपने बेटे रोहित यादव को प्रतिभाग करा दिया। बताते चलें रोहित श्रीकृष्ण इंटर कॉलेज में कक्षा आठ में पढ़ रहा है। ऐसे में जब अन्य शिक्षकों ने रोहित को पहचान लिया तो पूरे ग्राउंड में हड़कंप मच गया और मामले को तूल पकड़ने से पहले ही श्री यादव ने अपने बेटे को डांटकर तुरंत ही ग्राउंड से जाने को कह दिया।
पानी को बच्चों को करनी पड़ी मशक्कत
पुलिस परेड ग्राउंड में क्रीड़ा रैली के दौरान पानी पीने के लिए बच्चों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इतनी बड़ी रैली के दौरान मैदान में बच्चों के लिए पानी का कोई इंतजाम नहीं किया गया था। मैदान में मौजूद एकमात्र इंडिया मार्का पंप पर बच्चों की पानी पीने के लिए मारामारी कर रहे थे।