महिला अस्पताल की ओपीडी में बच्चो को लेकर फर्स पर बैठी महिलाएं। संवाद
बदायूं। महिला अस्पताल में मंगलवार को भी डॉक्टरों की कुर्सी खाली पड़ी रहीं। दूर-दराज से आए मरीजों को डाॅक्टर के कक्ष के सामने बैठकर इंतजार करना पड़ा। व्यवस्था फेल होते देख सीएमएस डॉ. इंदुकांत वर्मा ने ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखा। वहीं, डॉ. संदीप और सुकुमार अग्रवाल के चेंबर खाली रहे, जहां मरीज उनके आने का इंतजार करते दिखे।
बता दें कि डॉ. संदीप की मंगलवार की शाम को एसएनसीयू में ड्यूटी थी, इस वजह से वह सुबह नहीं आए थे। पर्चा बनाने वाले डॉ. संदीप का नाम डालकर दे रहे थे, इसलिए मरीज भी उनकी राह तक रहे थे। वहीं, डाॅ. सुकुमार अग्रवाल अवकाश पर थे। डॉ. रुचि गुप्ता और डॉ. राबिया ने मरीजों को देखा। दूरदराज से आए मरीज परेशान दिखे।
बच्चे को डॉक्टर संदीप को दिखाना था। उनका पर्चा बना हुआ है। 10 किलोमीटर दूर से चलकर सुबह आठ बजे आ गए और 12 बजे तक डॉक्टर नहीं हैं। सुबह से बच्चा परेशान है। अगर डॉक्टर नहीं आते तो कर्मचारी उनका पर्चा ही नहीं बनाते। -अमित कुमार, बसंत नगर
सुबह आठ बजे अस्पताल पहुंचे और लाइन में लगे तो 10 बजे पर्चा बन सका। उसके बाद से डॉक्टर का इंतजार कर रहे हैं। बेटी को तेज बुखार है । पर्चा डॉक्टर संदीप का बना हुआ है। ऐसे में किसी और डॉक्टर को दिखा भी नहीं सकते। -श्यामा देवी, खेड़ा बुजुर्ग
बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुकुमार अग्रवाल अवकाश पर थे। संदीप की शाम को एसएनसीयू में ड्यूटी थी। डॉक्टर कुमार वासु सुबह में एसएनसीयू में तैनात थे। यही वजह रही कि बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी में नहीं थे। मैंने खुद ओपीडी में बैठकर मरीजों को देखा। डॉ. इंदुकांत वर्मा, सीएमएस महिला, अस्पताल