बदायूं। जिले में विद्यार्थियों की अपार आईडी बनाने में निजी स्कूल रुचि नहीं दिखा रहे हैं। अभी तक निजी स्कूलों में 40 फीसदी बच्चों की ही अपार आईडी बनाई जा सकी है। इन संचालकों पर नोटिस का कुछ खास असर नहीं दिख रहा है। एक बार फिर से 225 निजी स्कूलों को नोटिस जारी कर 15 दिन में शत प्रतिशत अपार आईडी बनाने के निर्देश जारी किए हैं।
जिले में माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित 305 स्कूल हैं। इसमें जिले के 39 राजकीय इंटर कॉलेज, 41 सहायता प्राप्त विद्यालय और 225 निजी विद्यालय शामिल हैं। राजकीय स्कूलों में 9,916 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से करीब 9,176 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनी है। यहां 740 विद्यार्थियों की अपार आईडी बनना शेष है। साथ ही अशासकीय स्कूलों में 43,393 बच्चे हैं, जिसमें से 36,240 बच्चों की आईडी बनाई गई है। यहां 7,153 बच्चों की अपार आईडी नहीं बनी है। सबसे खराब स्थिति निजी स्कूलों की है। यहां 1,21,061 बच्चे पंजीकृत हैं। मात्र 54,799 बच्चों की ही अपार आईडी बन सकी है। 66,262 हजार से अधिक बच्चों की अपार आईडी नहीं बन सकी है। इस पर डीआईओएस ने जिलेभर के वित्तविहीन स्कूलों के प्रधानाचार्य व प्रबंधकों को नोटिस जारी कर 15 दिन में शत प्रतिशत आईडी बनाने को कहा गया है। न बनाने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं, कई विद्यार्थियों का डाटा मिसमैच जैसे नाम व जन्मतिथि का मिलान नहीं होने के चलते अपार आईडी बनवाने में परेशानी आ रही है।
इस वजह से बननी है आईडी
एक देश-एक छात्र योजना के तहत आधार की तर्ज पर विद्यार्थियों की ऑटोमेटिड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री (अपार) आईडी बनाई जा रही है। इससे विद्यार्थियों को देश के किसी भी कोने में स्थित स्कूल में दाखिला लेने में कोई परेशानी नहीं आएगी। विशेष बात यह है कि अपार आईडी को डिजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा। इसमें विद्यार्थी अपने समस्त प्रमाण-पत्र व अन्य शैक्षणिक उपलब्धियां सुरक्षित रख सकेंगे।
कोट
निजी स्कूल के प्रधानाचार्य व प्रबंध समिति को नोटिस देकर 15 दिनों में अपार आईडी शतप्रतिशत बनाने को कहा गया है। इसके बाद लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- डॉ. प्रवेश कुमार, जिला विद्यालय निरीक्षक