न प्रश्नपत्र न लिखने की कॉपियां। इतना ही नहीं शिक्षकों ने खुद ही किताबें
रखकर बच्चों को नकल भी कराई। जी, हां ये नजारा कहीं और का नहीं, बल्कि
परिषदीय स्कूलों में परीक्षा के समय देखने को मिला। बृहस्पतिवार को
अव्यवस्थाओं के बीच जिले में कक्षा पांच और आठ की परीक्षाएं शुरू तो करा दी
गईं, लेकिन संसाधन विमुक्त होने के कारण परीक्षाएं मखौल बनकर रह गईं। महज
औपचारिकताएं निभाते हुए बच्चों को ब्लैक बोर्ड पर प्रश्न उतार कर दे दिए
गए। तो थोड़ी देर में नकल के लिए किताबें भी दे दी गईं। इतना ही नहीं किसी
शिक्षा अधिकारी ने किसी भी स्कूल में झांकने तक की जहमत भी नहीं उठाई।
जिले
के ढाई हजार प्राइमरी और जूनियर स्कूलों में कक्षा पांच व आठ के करीब
64,000 परीक्षार्थियों की बृहस्पतिवार से परीक्षा शुरू हो गई। दो पालियों
में हुई परीक्षा का खौफ बच्चों में लेशमात्र भी देखने को नहीं मिला।
क्योंकि शिक्षकों ने उनका पूरा साथ देते हुए खूब नकल जो कराई। बच्चों को न
ही प्रश्नपत्र बांटे गए न ही उत्तर पुस्तिकाएं मिलीं। बच्चे स्वयं ही उत्तर
लिखने को कॉपी लाए। इतना ही नहीं जिले के अधिकांश स्कूलों में अव्यवस्थाएं
हावी रहीं। देहात क्षेत्र सहित नगर क्षेत्र में परीक्षा को मजाक बना दिया
गया।
उदाहरण के तौर पर शहर के एक स्कूल में बच्चों को खुद शिक्षिकाओं
ने खड़े होकर उत्तर लिखने को उत्तर पुस्तिकाएं दे दीं। बच्चे आपस में सटकर
देख-देखकर नकल करते रहे। इस संबंध में जब प्रधानाध्यापिका से पूछा गया तो
उन्होंने वहां पर अपनी तैनाती तक से इंकार कर दिया। अपने बचाव में उन्होंने
कहा कि विभाग ने उन्हें अटैच कर दिया है। इधर, जिम्मेदार अफसर भी इन सब से
अंजान नजर आए। एक ने भी स्कूल में झांककर व्यवस्थाओं को देखना जरूरी नहीं
समझा। जानकार बताते हैं कि बजट के अभाव के चलते परीक्षा की थोड़ी
अव्यवस्थाएं रहीं हैं। फिर भी दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे।
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एनपीआरसी, एबीआरसी भी जानकर बने रहे अंजान
जिले
के 15 ब्लॉकों में तैनात एनपीआरसी और एबीआरसी भी परीक्षा की वास्तविकता
जानने के बाद भी इससे अंजान रहे। उन्होंने व्यवस्थाओं को सुदृढ बनाने का
कोई प्रयास नहीं किया। जबकि उन्हें इसकी पूरी जानकारी थी।
वर्जन-
परीक्षा
की व्यवस्था की जिम्मेदारी समस्त बीईओ और एनपीआरसी, एबीआरसी को दी गई है।
इसके बाद भी अगर कोई खामी है, तो इसे दिखवाया जाएगा। जरूरत पड़ी तो
अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
- कृपाशंकर वर्मा, बीएसए।