कॉवेंट की तर्ज पर बेसिक के मॉडल बनाए जा रहे दो स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने के लिए अंग्रेजी में काबलियत रखने वाले शिक्षकों को रखा जाएगा। इसमें सेलेक्शन के लिए इच्छुक शिक्षकों को एक लंबी चयन प्रक्रिया से भी गुजरना होगा। जिला स्तर पर बनी कमेटी इसका चयन करेगी। इतना ही नहीं कमेटी में शामिल विषय विशेषज्ञ योग्यता के अलावा बौद्धिक क्षमता, अंग्रेजी का ज्ञान आदि को भी परखेगा। लिखित परीक्षा और साक्षात्कार से भी गुजरना होगा।
बता दें कि शासन ने जिले के दो बेसिक स्कूलों को मॉडल बनाए जाने का निर्णय लेते हुए बच्चों को कॉवेंट की तर्ज पर शिक्षा मुहैया कराए जाने के उद्देश्य से दो स्कूलों को चयनित कर नाम भेजने के आदेश दिए थे। इस पर अमल करते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने दो स्कूलों के नाम को चिह्नित कर भेज दिए। अब चूंकि इसमें अंग्रेजी पढ़ानी अनिवार्य होगी तो इसमें शिक्षकों को भी रखा जाएगा। लिहाजा इसमें लगाए जाने वाले शिक्षकों के चयन के लिए भी उच्चाधिकारियों ने आदेश जारी कर दिए हैं। बेसिक के ही शिक्षक इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। लेकिन इसके लिए उन्हें मुश्किल चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। आदेश के अनुसार चयन कमेटी मॉडल स्कूल में रखने वाले शिक्षकों का चयन करेगी। डायट प्राचार्य इसमें अध्यक्ष होंगे। जबकि बीएसए सदस्य सचिव। आवेदन के लिए कम से कम इंटर और स्नातक में अंग्रेजी विषय होना अनिवार्य होगा। वहीं प्राइमरी के प्रधानाध्यापक और जूनियर के सहायक अध्यापक इसमें एप्लाई कर सकेंगे। बाद में इन सभी की 50 नंबर की लिखित परीक्षा आयोजित कराई जाएगी। फिर साक्षात्कार होगा। इंटरव्यू में विषय विशेषज्ञ योग्यता के अलावा बौद्धिक क्षमता, दक्षता, व्यक्तित्व को परखेगा। बच्चों को पढ़ाने संबंधी सवाल रखे जाएंगे। विभागीय जानकारों की माने तो इसमें पांच-पांच अध्यापक रखे जाएंगे। एक प्रधानाध्यापक होगा। जबकि पांच अन्य का भी चयन करा जाएगा। ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हे भी लगाया जा सके।
शासन की ओर से गाइड लाइन आई है। इसमें चयन प्रक्रिया के लिए कमेटी बनाने के निर्देश हैं। कमेटी द्वारा चयनित योग्य शिक्षक ही इसमें बच्चों को शिक्षा दे सकेगा। - सोमनाथ विश्वकर्मा, प्रभारी बीएसए