उन्होंने बताया कि डेंगू का मच्छर भी विशेष प्रकार का है लेकिन उसकी घर-परिवार में पहचान नहीं की जा सकती। बुखार आने पर ठंड लगे और बदन में दर्द हो, शरीर पर पसीना और उल्टियां आने से लक्षण नजर आने लगते हैं। हाथ-पैरों का ठंडा पड़ जाना भी इसी का हिस्सा है, लेकिन अगर मुंह, नाक, कान और पेशाब के जरिए खून आने लगे तो बीमारी खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसी अवस्था में ब्लड प्रेशर लो होने की वजह से मरीज बेहोशी की हालत में भी जा सकता है। कोई सा भी सिस्टम दिखे, तो डॉक्टर की सलाह और इलाज से गुरेज नहीं किया जाए। वैसे, अगर घरेलू उपायों के तहत लोग खानपान पर गौर करने के साथ सोते वक्त मच्छरदानी का इस्तेमाल करें, तो भी डेंगू के चपेट में आने से बचा जा सकता है। उन्होंने देसी नुस्खे का भी इस्तेमाल करने की सलाह दी। मतलब-पपीते के पत्ते, ऐलोवेरा, तुलसी और काली मिर्च के जूस का रोजाना सेवन भी फायदेमंद रहेगा।