ककोड़ा मेले को लेकर बनाए जा रहे मिट्टी के चूल्हे। संवाद
कादरचौक। जिले का प्रसिद्ध ककोड़ा मेला की तैयारियां तेज हो गई हैं। दीपावली बाद टेंट लगाने का काम शुरू हो जाएगा। यह मेला न केवल शुद्ध ग्रामीण परिवेश का अनुभव देगा, बल्कि लग्जरी जीवनशैली का भी अनुभव मिलेगा। आंवला और बरेली के लोग टेंट सज्जा प्रतियोगिता में भाग लेकर माहौल को और भी जीवंत बनाएंगे। मेले में लगाये गए 50 फीट ऊंचे झंडे हर मुहल्ले की अलग पहचान और परंपरा का प्रतीक होते हैं। मेला अपने पारंपरिक खाद्य और घरेलू उत्पादों के लिए भी प्रसिद्ध है। जिला पंचायत की टीम मेले से पूर्व पटरियों की सफाई और समतलीकरण कराने में जुटी है।
मिट्टी के चूल्हों पर बनेगा खाना
मेले में मिट्टी के चूल्हों पर खाना बनाया जाएगा। उसके लिए ग्रामीणों ने चूल्हा बनाकर तैयार कर दिया है। साथ ही उपले और लकड़ी की भी उपलब्धता होगी। लोग इसे खरीद सकेंगे। कई परिवार गैस सिलिंडर का भी प्रयोग करेंगे।
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सुरक्षा व्यवस्था के रहेंगे पुख्ता इंतजाम
मेला पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस ने व्यापक तैयारी की है। मेले के लिए तीन सीओ, 80 दारोगा, दो कंपनी पीएसी, 100 हेड कांस्टेबल, 400 होमगार्ड, 30 महिला पुलिसकर्मी, चार घुड़सवार पुलिसकर्मी, एक जल पीएसी प्लाटून, 15 पुलिस चौकी, 14 पुलिस पिकेट, 30 गोताखोर और 25 जवान जल पुलिस के लगाए जाएंगे।