त्रिस्तरीय पंचायत में मध्य श्रेणी की स्थानीय क्षेत्र पंचायत बोर्ड इसलिए परेशान है कि विकास के लिए धन आने के बाद भी खर्च नहीं किया जा रहा है। अपने-अपने क्षेत्र में विकास के सपने दिखाकर चुनाव जीतने वाले जनप्रतिनिधियों को और उनके पूरे बोर्ड को विरोध प्रदर्शन करना पड़ा। इन लोगों में ब्लाक प्रमुख पहली बार शामिल हुए। सभी ने सात फरवरी तक बैठक न किए जाने पर ब्लाक के सामने भूख हड़ताल तक का ऐलान कर दिया है। वहीं एक सदस्य ने तो आत्मदाह तक की घोषणा कर दी है।
राजनीतिक विरोध इस हद तक है कि ब्लाक में क्षेत्र पंचायत की दो साल से कोई बैठक नहीं होने दी जा रही है। क्षेत्र पंचायत में ढाई करोड़ से अधिक की धनराशि आई हुई है। इस धन राशि से विकास तभी शुरू हो सकता है कि जब क्षेत्र पंचायत बोर्ड प्रस्ताव पारित करे। आरोप है कि अधिकारी सत्ता पक्ष के नेताओं से मिलीभगत कर बैठक नहीं होने दे रहे हैं।
इस प्रकरण को लेकर बुधवार को ब्लाक गेट पर ब्लाक प्रमुख मौज्जम अली भी प्रदर्शन में क्षेत्र पंचायतों के साथ दिखे। इससे पहले क्षेत्र पंचायत सदस्य ही विरोध जताते रहे हैं। बताते हैं कि क्षेत्र पंचायत प्रमुख बसपा समर्थक माने जाते रहे हैं। विरोध-प्रदर्शन कर रहे सदस्यों ने ब्लाक प्रमुख के साथ कहा है कि सात फरवरी को बैठक के लिए पत्र रिसीव करा लिया गया है। अगर, इस दिन बैठक नहीं कराई गई तो सभी विरोध-प्रदर्शन करने वाले भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। सदस्य डालचंद्र ने तो यहां तक घोषणा कर दी कि अगर निर्धारित तारीख पर बैठक नहीं हुई तो वह आत्मदाह को मजबूर होंगे।
इधर, ब्लाक प्रमुख ने कहा है कि अधिकारियों की लापरवाही से क्षेत्र पंचायत की बैठक नहीं होती है तो उसमें अब अधिकारियों की भूमिका मानी जाएगी। पहले भी अधिकारियों ने इसी प्रकार की भूमिका निभाई है। इस मौके पर कन्यावती, रेहाना, जयदेवी, डालचंद, सरोजवती, फिदा ह़ुसैन, प्रेमवती, लड़ैते शाह, देवकी, रामौतार, हरिओम, बालक राम, राकेश शर्मा, रामलाल, रामादेवी, जयदेवी आदि शामिल रहे।