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नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में प्रदर्शन, निकाला मार्च

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बदायूं। नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के विरोध में शुरू हुआ प्रदर्शन का सिलसिला बुधवार को भी जारी रहा। मंगलवार को ककराला में विरोध प्रदर्शन के बाद बुधवार को जिला मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया गया। राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम कुमार प्रशांत को दिया गया। इस दौरान कलक्ट्रेट समेत कई स्थानों पर सुरक्षा के कडेे़ बंदोबस्त रहे। जामा मस्जिद से कलक्ट्रेट तक मार्च के दौरान कई स्थानों पर जाम की स्थिति भी पैदा हुई। पुलिस को लालपुल की ओर से आने वाले ट्रैफिक को बैरिकेडिंग लगाकर रोकना पड़ा।
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दरगाह आलिया कादरिया की ओर से बुधवार को विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। इसके मद्देनजर डीएम कुमार प्रशांत और एसएसपी अशोक त्रिपाठी ने मंगलवार को काजी-ए-जिला हजरत सालिम मियां से मुलाकात कर शांति और सौहार्द पर चर्चा की थी। बुधवार को सुबह से ही लोगों का सोथा मोहल्ला स्थित जामा मस्जिद पर जमा होना शुरू हो गया। दोपहर 12 बजे तक भीड़ हजारों की तादाद में पहुंच चुुकी थी। यहां नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में दरगाह आलिया कादरिया के अज्जम मियां कादरी ने लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून संविधान की आत्मा पर हमला है। इसे देश के लोग किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। भारत धर्म निरपेक्ष देश है। यह कानून धर्म के नाम पर देश को बांटने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के लिए सभी ने कंधे से कंधा मिलाकर जंग लड़ी और खून बहाया है। सरकार को समझ लेना चाहिए कि जब तक नागरिकता संशोधन कानून को वापस नहीं लिया जाता विरोध प्रदर्शन जारी रहेंगे।
जामा मस्जिद में हुई सभा के बाद लोगों ने हाथों में तिरंगा और नागरिकता संशोधन बिल, एनआरसी के विरोध में तख्तियां लेकर कलक्ट्रेट तक मार्च निकाला। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की। कलक्ट्रेट पहुंच कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एहतियात के तौर पर यहां भी बैरीकेडिंग कर दी गई।
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भीड़ बढ़ने पर फूले पुलिस के हाथ-पांव
बुधवार को होने वाले विरोध प्रदर्शन के बारे में हालांकि पहले से पता था। सब कुछ शांतिपूर्ण निपटे इसके लिए पुलिस प्रशासन ने मंगलवार से ही सुरक्षा बंदोबस्त शुरू कर दिए थे। बुधवार को विरोध प्रदर्शन में भीड़ अनुमान से कहीं ज्यादा जुटी तो पुलिस के भी हाथ-पांव फूले हुए नजर आए। आसपास के थानों से फोर्स के साथ पीएसी को भी बुला लिया गया। हालांकि, सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से निपटने के बाद पुलिस-प्रशासन ने चैन की सांस ली।

भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र
भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। नागरिकता संशोधन कानून देश के लोकतंत्र की आत्मा पर हमला है। एनआरसी और सीसीए दोनों लोकतंत्र के खिलाफ हैं। ऐसे में देश के सभी लोगों का विरोध करने की जरूरत है।
-मौलवी नसीर उद्दीन, अधिवक्ता

सौहार्द, भाई-चारा को खत्म करना चाहती है सरकार
नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी देश को धर्म के नाम पर बांटने वाले हैं। इनके जरिए सरकार देश के भाईचारा और सौहार्द को खत्म करना चाहती है। हिंदू और मुसलमान सरकार की इस मंशा को पूरा नहीं होने देंगे।
-काजी रऊफ हुसैन सिद्दीकी

सभी धर्मों को समान अधिकार
भारत का संविधान सभी धर्मों को समान अधिकार देता है। धर्मनिरपेक्षता संविधान की आत्मा है। युवाओं ने बुधवार को जामा मस्जिद से कलक्ट्रेट तक नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी के विरोध में मार्च निकाला है। आंदोलन जारी रहेगा।
-सलीम उद्दीन, अधिवक्ता

इस तरह तानाशाही नहीं चलेगी
सरकार एक तरह से तानाशाही कर रही है। संविधान की मूल भावना को कुचल कर नागरिकता संशोधन कानून लागू कर दिया गया। एनआरसी भी लागू किया जा रहा है। शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे जामिया यूनिवर्सिटी के छात्रों को पीटा गया।
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-खिसाल उद्दीन
 
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