बिल्सी नगर क्षेत्र के बिजलीघर जहां पांच एमवीए ट्रांसफार्मर बदला जाएगा। संवाद
बिल्सी। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए विद्युत विभाग ने बिजनेस प्लान के तहत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। इन योजनाओं के लागू होने के बाद ओवरलोडिंग, लो-वोल्टेज और बार-बार होने वाली बिजली कटौती जैसी समस्याओं से उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। इन कार्यों पर करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जाएगी।
विद्युत निगम से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित 179 विद्युत ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि की जाएगी। वर्तमान में बढ़ते विद्युत भार के कारण कई स्थानों पर ट्रांसफॉर्मर ओवरलोड हो रहे हैं, जिससे बिजली आपूर्ति प्रभावित होती है। क्षमता वृद्धि के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी, किसानों को सिंचाई कार्य के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध हो पाएगी। ट्रांसफार्मरों के बार-बार फुंकने की समस्या में भी कमी आने की संभावना है।
वर्तमान में संचालित 5 एमवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर के स्थान पर 10 एमवीए का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाएगा। इससे नगर की बिजली व्यवस्था को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी और विशेष रूप से गर्मी के मौसम में बढ़ने वाले विद्युत भार को संतुलित करने में मदद मिलेगी। लंबे समय से चली आ रही ओवरलोडिंग की समस्या के समाधान की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
नगर क्षेत्र के दोनों फीडरों की जर्जर हाइटेंशन लाइनें बदली जाएंगी। ग्रामीण क्षेत्र के मिश्रीपुर मुकईया फीडर की पुरानी लाइन को भी नई लाइन से प्रतिस्थापित किया जाएगा, जिससे फाल्ट की घटनाओं में कमी आएगी और विद्युत आपूर्ति अधिक सुचारु हो सकेगी।
एसडीओ सौरभ परिहार ने बताया कि विभागीय स्तर पर सभी प्रस्तावों को स्वीकृति मिल चुकी है। जून माह के बाद कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। योजनाओं के पूर्ण होने पर नगर और ग्रामीण क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा।