बदायूं। जिले में विद्युत व्यवस्था ने उपभोक्ताओं को रुला दिया है। ट्रिपिंग और बढ़ते फाॅल्ट से हाहाकार मचा हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-2026 में 100 करोड़ से हुए कार्य नाकाफी साबित हुए हैं। पिछले दस दिनों में 48 ट्रांसफाॅर्मर खराब हो चुके हैं।
विद्युत निगम ने जिले में व्यवस्था सुधारने के लिए रिवैंप और बिजनेस प्लान योजना के तहत 100 करोड़ रुपये से कार्य कराए थे। इन कार्यों में पिछले साल की बढ़ी हुई खपत को ध्यान में रखते हुए विद्युत क्षमता की वृद्धि की गई थी। इसके तहत 352 ट्रांसफाॅर्मर की क्षमता (क्षेत्र की जरूरत अनुसार) बढ़ाई जानी तय हुई। इसमें 210 ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता बढ़ाई जा चुकी है। जबकि, 140 ट्रांसफाॅर्मरों के क्षमता की वृद्धि की जा रही है।
विद्युत निगम के अधिकारियों के अनुसार, ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग की समस्याएं अधिक सामने आ रही हैं। ओवरलोडिंग के कारण ट्रांसफाॅर्मर खराब होने की घटनाएं बढ़ गईं हैं।
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विद्युत व्यवस्था पर दबाव और फाॅल्ट की समस्या
बढ़ती खपत के कारण विद्युत लाइनों और ट्रांसफाॅर्मरों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा है। ओवरलोडिंग की वजह से कई स्थानों पर ट्रांसफाॅर्मर फुंकने की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले दस दिनों में 48 ट्रांसफाॅर्मर खराब हो चुके हैं, इनमें चार सौ किलोवोल्ट एम्पीयर क्षमता के ट्रांसफाॅर्मर शामिल हैं। इन खराब ट्रांसफाॅर्मरों के कारण कई क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रहती है। इससे किसानों को अपनी फसलों की सिंचाई में दिक्कत आ रही है, जिससे फसलें सूखने का खतरा बढ़ गया है। शहर और ग्रामीण दोनों इलाकों में उपभोक्ता गर्मी में बिजली कटौती से जूझ रहे हैं।
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वर्जन
पिछले दो दिनों से जिले में बिजली खपत ज्यादा बढ़ गई है। इससे ओवरलोडिंग की समस्या हो रही है। खराब हो रहे ट्रांसफाॅर्मरों को समय रहते बदला जा रहा है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं को गर्मी में अनावश्यक रूप से चलने वाले उपकरणों का बंद कर देना चाहिए। जिससे ओवरलोडिंग की समस्या कम हो सके।
- चंद्रशेखर कुमार, अधीक्षण अभियंता, विद्युत निगम