बदायूं। स्वास्थ्य विभाग ने जिले की सभी सीएचसी पर ऑक्सीजन की पर्याप्त व्यवस्था होने का दावा किया है। कोविड काल के बाद से ही ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और सिलिंडर की संख्या बढ़ाई गई थी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में मरीजों को ऑक्सीजन की कमी न हो। हालांकि बिजली की समस्या मरीजों के उपचार में बाधा बन रही है। इसकी वजह से मरीजों को कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि जनरेटर चलने से बिजली कटौती से राहत मिल जाती है।
जिले में संचालित 17 सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और ऑक्सीजन सिलिंडर की उपलब्धता है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर कंसंट्रेटर कई बार काम करना बंद कर देते हैं। इससे गंभीर मरीजों के उपचार में दिक्कतें आती हैं। विशेष रूप से गंभीर मरीजों के लिए यह स्थिति जोखिम भरी हो सकती है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी सीएचसी पर जनरेटर की व्यवस्था की गई है।
जैसे ही बिजली आपूर्ति बाधित होती है, तुरंत जनरेटर चालू कर दिया जाता है, ताकि ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और अन्य आवश्यक उपकरणों की आपूर्ति बाधित न हो। बावजूद इसके कुछ स्थानों पर जनरेटर संचालन में देरी या तकनीकी खामियों की शिकायतें भी सामने आती रहती हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
सीएचसी की स्थिति देखें तो उझानी सीएचसी पर 12 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं, सभी सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं। रुदायन सीएचसी पर ऑक्सीजन पैनल सही स्थिति में पाया गया, यहां 15 छोटे सिलिंडर भरे हुए हैं और जनरेटर भी कार्यशील है। सैदपुर सीएचसी पर 24 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर और दो जंबो सिलिंडर मौजूद हैं, सभी संचालित स्थिति में हैं। यहां भी जनरेटर की सुविधा उपलब्ध है।
इसके अलावा बिसौली सीएचसी पर छह कंसंट्रेटर कार्यरत हैं। साथ ही 10 केवीए का जनरेटर भी अच्छी स्थिति में है। दहगवां सीएचसी पर पांच ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध हैं। जो सभी सही हालत में हैं। यहां भी जनरेटर की व्यवस्था है। कादरचौक सीएचसी पर भी ऑक्सीजन सिलिंडर, कंसंट्रेटर और जनरेटर उपलब्ध हैं। जिससे आपात स्थिति में मरीजों को राहत मिल सके।
सभी सीएचसी पर ऑक्सीजन सिलिंडर व कंसंट्रेटर उपलब्ध है। साथ ही जनरेटर की व्यवस्था भी की गई है। बिजली जाने पर तुरंत ही जनरेटर ऑन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि मरीजों को परेशानी न हो। -डॉ. श्रीमोहन झा, सीएमओ
उझानी सीएचसी पर ऑक्सीजन कंसंट्रेटर को देखते हुए। संवाद