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विद्युत लाइनों से दुर्घटना हुई तो एई होंगे जिम्मेदार

Thu, 09 Jul 2015 06:31 PM IST
badaun
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जिलाधिकारी शंभूनाथ ने पहली बार एक साथ विद्युत अभियंताओं की बैठक कर विद्युत आपूर्ति सहित, अधिक लोड वाले विद्युत उप केंद्रों एवं निर्माण कराए जाने वाले केंद्रों की जानकारी ली। उन्होंने विभागीय अभियंताओं को चेतावनी दी है कि अगर जर्जर विद्युत लाइनों के कारण कोई दुर्घटना होती है, तो इसके लिए सीधे उस क्षेत्र के सहायक अभियंता जिम्मेदार होंगे।
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गुरुवार को कलक्ट्रेट स्थित सभा कक्ष में जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजेंद्र प्रसाद यादव एवं नगर मजिस्ट्रेट विजय बहादुर के साथ विद्युत विभाग के कार्यों की गहन समीक्षा की। जिलाधिकारी ने विद्युत आपूर्ति के संबंध में जानकारी हासिल की, तो अभियंताओं ने बताया कि शहर में 15 घंटे की आपूर्ति के शेड्यूल के सापेक्ष 18 घंटे विद्युत सप्लाई दी जा रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में दस घंटे के सापेक्ष आठ से नौ घंटे आपूर्ति तथा तहसील क्षेत्रों में 12 घंटे के तहत 10 घंटे आपूर्ति दी जा रही है।
जिलाधिकारी ने अधिक भार वाले विद्युत उप केंद्र गुलड़िया, अबदुल्लागंज, रमजानपुर, कुंवरगांव, दलेल नगर, अलापुर, बिसौली नागपुर, बिसौली पलिया, भूड़ खितौरा एवं जरीफ नगर मड़कावली का भार बढ़ाने के संबंध में जानकारी ली। उनको एसई ने बताया कि जिले में 10 उपकेंद्र स्वीकृत हैं, जिनमें छह केंद्रों का शिलान्यास किया जा चुका है, चार का शिलान्यास शीघ्र कराया जाएगा। डीएम ने जर्जर विद्युत लाइनों से आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं और हाईटेंशन लाइन के करंट से हो रही मौत पर चिंता जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि जर्जर लाइनों को ठीक कराने से संबंधित, जब भी कोई शिकायत प्राप्त हो उसको तत्काल ठीक कराया जाए। बैठक में अधिशासी अभियंता मुनीश चोपड़ा, अतुल अग्रवाल एवं सुभाष सागर सहित अन्य अभियंता मौजूद रहे।
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हाईटेंशन लाइन के नीचे मकान बनाने वालों को जारी होंगे नोटिस
बदायूं। डीएम ने निर्देश दिए कि जिन लोगों ने हाईटेंशन लाइन के नीचे भवनों का निर्माण कराया है, उन्हें नोटिस जारी कर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाए। उन्होंने कहा कि विद्युत लाइन से दुर्घटना घटित होने पर उन्हें अति शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। जनहानि पर एक लाख, पशु हानि पर पांच हजार की आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था है। जिलाधिकारी ने पशु हानि पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता को नाकाफी मानते हुए कहा कि दैवीय आपदा में निर्धारित दरों के आधार पर ही विद्युत दुर्घटना होने पर पशु हानि की स्थिति में आर्थिक सहायता दिलाने का प्रस्ताव उनकी ओर से शासन को भिजवाया जाए।
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