बिजली कटौती पर बिजली
महकमे के अधिकारी ऊपर से कटौती होने का रटा-रटाया जवाब देकर खुद से पल्ला
झाड़ ले रहे हैं। बाशिंदों की शिकायत है कि दिन में सबसे तेज गर्मी के
वक्त दोपहर दो से शाम पांच बजे की रोस्टरिंग शेडयूल्ड है। लेकिन इसके बाद
तय शेडयूल से ज्यादा करीब साढ़े चार घंटे की और कटौती की जा रही है। जो शाम
छह से रात साढ़े दस बजे तक की जा रही है। काम के समय लाइट न आने से सभी
परेशान है, व इससे पानी सप्लाई भी पूरी तरह बाधित है। वहीं उद्योग-धंधे भी
प्रभावित हो रहे हैं। इस अधिक कटौती पर आला अधिकारियों का जवाब है कि बिजली
सप्लाई में जो भी कटौती की जा रही है, वह निर्धारित शेडयूल के मुताबिक ही
है। लोकल लेवल से कोई कटौती नहीं की जा रही, ये सिर्फ उस स्थिति में होती
है जबकि लाइन में कहीं कोई फाल्ट आता है।
पनबडिय़ा बिजलीघर पर नहीं उठता फोन
शनिवार
रात सिविल लाइन इलाके में रोडवेज, प्राइवेट बस स्टैंड आदि इलाके की सप्लाई
पूरी तरह गुल रही। इस दौरान परेशान बाशिंदों ने उपकेंद्र पर फोन लगाकर वजह
पूछनी चाही। लेकिन उपकेंद्र का फोन नहीं उठा। कई लोगों की शिकायत है कि जब
फोन किया तो पहले कॉल रिसीव नहीं की गई और बाद में रिसीवर हटाकर रख दिया,
जिससे फोन लगातार इंगेज जाता रहा।
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बिल्सी रात में कटौती बंद करने की मांग
बिल्सी।
दो माह से चल रही रात्रि कालीन बिजली कटौती से स्थानीय परेशान हैं। कटौती
से परेशान व्यापारी नेताओं ने स्थिति में तुरंत सुधार की डीएम से मांग की
है। इसके लिए व्यापारी नेता सुधीर माहेश्वरी ने डीएम पत्र लिखकर समस्या से
अवगत कराते हुए रात दस से सुबह पांच बजे तक बिजली सप्लाई नियमित कराने की
मांग की है।
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दो घंटे भी नहीं मिल रही बिजली
उघैती।
कस्बे को पूरे दिन में दो घंट से भी कम बिजली दी जा रही है। जिससे स्थानीय
निवासी परेशान हैं। बड़े स्तर पर हो रही बिजली कटौती का असर उद्योग से
लेकर घर के रोजमर्रा के कामों पर पड़ रहा है। हद तो ये है कि बिजली सप्लाई
का यहां कोई निश्चित समय ही नहीं है, जिससे लोगों में आक्रोश पनप रहा है।
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सिर पर झूल रहे है जर्जर तार
उघैती।
कस्बे में एक दशक पहले डाली गई बिजली का लाइन पूरी तरह जर्जर स्थिति में
पहुंच चुकी है। जिससे हर दिन फॉल्ट हो जाता है और लाइट नहीं मिल पाती। तार
इतने जर्जर हैं कि अब ये राहगीरों के सिर को छू रहे हैं। निवासियों का कहना
है कि अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया है।