बदायूं। अंडरग्राउंड केबल डालने में की गई अनियमितताओं की शिकायतें लगातार शासन तक पहुंच रहीं थी। इसको लेकर गुरुवार को शासन से दो सदस्यीय टीम बदायूं पहुंची। उसने विभाग से अंडरग्राउंड केबल के संबंध में अभिलेखों को तलब किया, साथ ही शाम को शहर में घूमकर अंडरग्राउंड केबल का जायजा लिया। हालांकि टीम ने अभी अंडरग्राउंड केबल के बारे में कुछ भी बोलने से इंकार किया हैं।
शहर और सहसवान में पावर कॉरपोरेशन की ओर से अंडरग्राउंड केबल डालने का काम एक संस्था को दिया गया था, बाद में आरोप लगा कि मानकों की अनदेखी करते हुए अपने मन मुताबिक केबल डाला। इसकी तमाम शिकायतें स्थानीय स्तर पर की गईं। विभाग पर जब दवाब ज्यादा पड़ा तो उसने इसकी जांच करने का फैसला लिया। इसके बाद स्थानीय स्तर पर विभाग ने जो जांच शुरू की, उसकी रिपोर्ट गोपनीय रखते हुए मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके बाद पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री आबिद रजा ने इसकी शिकायत उर्जा मंत्री से की, जिसके बाद में बरेली स्तर के अधिकारियों से इसकी जांच कराई गई। सूत्रों का कहना है कि इस रिपोर्ट में अंडरग्राउंड केबल डालने के मामले में तमाम अनियमितताएं उजागर हुईं, फिर भी मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इस बीच शहर में तमाम जानवर अंडरग्राउंड केबल की भेंट चढ़ गए। वहीं पिछले दिनों शहर की नई सराय बर्फ वाली गली में एक ठेके का मजदूर अंडरग्राउंड केबल के पैनल को ठीक करते वक्त करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। यह मामला भी विभाग के उच्चधिकारियों के पास में पहुंचा, जिसके बाद में उन्होंने इसकी जांच कराने के निर्देेश दिए, साथ ही दो सदस्यीय टीम का गठन कर बदायूं भेजा। इनमें से एक सीओ विजिलेंस जगदीश पाटनी और आरईसी पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (आरईसीपीडीसीएल) के सहायक इंजीनियर आदित्य कुमार को शामिल किया गया। उन्होंने विभाग में पहुंचकर अंडरग्राउंड केबल से संबंधित अभिलेखों को तलब किया, साथ ही शाम को शहर के अंदर घूमकर अंडरग्राउंड केबल की पड़ताल की।
बदायूं के अलावा आजमगढ़ और बहराइच मेें भी अंडरग्रांउड केबल के संबंध में जांच की जा रही है। वहां पर मानकों की अनदेखी का आरोप लगा है। बदायूं में भी शासन के निर्देश पर दो सदस्यीय टीम आयी है। उन्होंने अंडरग्राउंड केबल से संबंधित सभी अभिलेख मांगे हैं। उन अभिलेखों के लिए उनको उपलब्ध कराया जा रहा है। उनको जिन चीजों की जरूरत पड़ेगी, वह विभाग की ओर से मुहैया करा दी जाएगी। जांच में पूर्ण सहयोग किया जाएगा।
-राजीव कुुमार, अधीक्षण अभियंता