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खेड़ा शहजादनगर में सौर ऊर्जा प्लांट को 100 एकड़ भूमि खरीद को मंजूरी

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बदायूं। जिले में एक और सौर ऊर्जा पावर प्लांट की स्थापना का रास्ता साफ हो गया है। पावर प्लांट के लिए शासन ने 100 एकड़ भूमि क्रय करने को स्वीकृति दे दी है। बिल्सी के खेड़ा शहजादनगर में सोलर प्लांट से 50 मेगावाट बिजली उत्पादन इकाई पीपीपी मॉडल पर काम करेगी। तालेत्तुताई सोलर प्रोजेक्ट फाइव प्राइवेट लिमिटेड नाम की संस्था पावर प्लांट लगाएगी। उत्पादित बिजली सरकार खरीदेगी। इसके पीछे सरकार की मंशा कोयला समेत अन्य ईंधनों से महंगी बिजली उत्पादन के स्थान पर सौर ऊर्जा के जरिए बिजली उत्पादन बढ़ाने की है। इससे लोगों को सस्ती बिजली मिल सकेगी।
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लगातार बढ़ रही ऊर्जा जरूरतों के मद्देनजर सरकार सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन पर ज्यादा ध्यान दे रही है। नीलकंठ एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड को सौर ऊर्जा से 250 मेगावाट बिजली उत्पादन के लिए तीन प्लांटों की स्थापना को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब शासन ने बिल्सी के खेड़ा शहजादनगर में तालेत्तुताई सोलर प्रोजेक्ट फाइव प्राइवेट लिमिटेड को सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन प्लांट की स्वीकृति दे दी है। अब तक दोनों पक्षों के बीच जमीन को लेकर पेच फंसा हुआ था। दरअसल, कंपनी प्रदेश के राजस्व नियमों के मुताबिक सिर्फ 12.50 एकड़ जमीन खरीद सकती थी। कंपनी ने प्लांट स्थापना के लिए 100 एकड़ जमीन खरीद की अनुमति मांगी थी। अब शासन ने इसे मंजूरी दे दी है। अनुबंध में यह भी तय हुआ है कि पांच साल के भीतर प्लांट में बिजली उत्पादन शुरू करना होगा। ऐसा न करने पर सरकार 12.50 एकड़ के अतिरिक्त भूमि अपने अधीन ले लेगी। तालेत्तुताई सोलर प्रोजेक्ट फाइव प्राइवेट लिमिटेड को खुद ही जमीन खरीद करनी होगी।
- सब कुछ ठीक रहा तो आने वाले पांच सालों में जिले में सौर ऊर्जा से 300 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा। दरअसल, नीलकंठ एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड से पहले ही 250 मेगावाट क्षमता के तीन पावर प्लांट के लिए अनुबंध हो चुका है। कंपनी ने उसावां के रिजौला ब्लॉक में पावर प्लांट लगाने का काम भी चालू कर दिया है। 250 मेगावाट क्षमता के विद्युत उत्पादन प्लांटों पर कंपनी करीब 1150 करोड़ खर्च करेगी।
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- जिले में 300 मेगावाट के सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन प्लांट चालू होने के बाद न सिर्फ सस्ती बिजली मिल सकेगी बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित होगी। उन परिवारों के सदस्यों को योग्यता के आधार पर प्लांट में रोजगार दिया जाएगा। युवाओं को नौकरी के लिए पलायन नहीं करना होगा। जिले में ऊर्जा संचालित उद्योग निवेश भी बढ़ेगा। खेड़ा शहजादनगर में तालेत्तुताई सोलर प्रोजेक्ट फाइव प्राइवेट लिमिटेड को 30 मेगावाट क्षमता का सौर ऊर्जा पावर प्लांट लगाना है। उत्तर प्रदेश राजस्व नियमों के मुताबिक कंपनी 12.50 एकड़ भूमि खरीद सकती थी। प्लांट लगाने के लिए 100 एकड़ भूमि की जरूरत थी। इसके लिए शासन से अनुमति मांगी गई थी। किसानों से राजस्व नियमों के अनुसार कंपनी को खुद की जमीन खरीदनी है। इसके बाद नियमानुसार राजस्व विभाग इसकी ठियाबंदी करेगी। अभी इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकता।
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- संजय कुमार सिंह, एसडीएम बिल्सी
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