बदायूं। प्रदेश सरकार के गड्ढा मुक्त सड़क अभियान का दावा जिले में धराशायी होता नजर आ रहा है। विभाग का दावा है कि जिले की लगभग 80 प्रतिशत सड़कें गड्ढा मुक्त हो चुकी हैं, जबकि हकीकत यह है कि शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक की कई सड़कों पर अब भी गहरे गड्ढे हैं। साथ ही टूटी सड़कें लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहीं हैं। हालत यह है कि वाहन चालकों को रोजाना हिचकोले खाते हुए गुजरना पड़ रहा है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) का दावा है कि जिले में अधिकांश सड़कों को गड्ढा मुक्त कर दिया गया है। दावा किया कि शेष सात दिन में बाकी सड़कों को भी दुरुस्त कर दिया जाएगा। हालांकि हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। शहर के मुख्य मार्ग जैसे बिसौली रोड, इस्लामनगर मार्ग और दातागंज के कई अंदरूनी रास्ते अब भी गड्ढों से भरे पड़े हैं। इन मार्गों से गुजरने वाले वाहन चालकों को आए दिन हादसों का खतरा बना रहता है।
ग्रामीण इलाकों में भी सड़कों की स्थिति दयनीय है। कई गांवों को जोड़ने वाले संपर्क मार्गों पर पानी भरे गड्ढे और उखड़ा हुआ डामर सफर को मुश्किल बना रहा है। वहीं, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस बार बीच-बीच में हुई बारिश और फंड की कमी से दिक्कत हुई है। उनका कहना है कि समय सीमा के अंदर सभी सड़कों को दुरुस्त करने का लक्ष्य रखा गया है और तेजी से काम चल रहा है। लेकिन फिलहाल की तस्वीर यह दर्शाती है कि गड्ढा मुक्त सड़क का दावा केवल कागजों पर ही पूरा हो पा रहा है।
बिनावर से सिकरोड़ी जाने वाला मार्ग क्षतिग्रस्त
बिनावर। बिनावर से नरखेड़ा, सुकटिया होते हुए सिकरोड़ी को जाने वाला करीब तीन किलोमीटर का रोड काफी जगहों पर टूटा हुआ है। गड्ढे इतने ज्यादा गहरे हैं कि लोगों को दोपहिया वाहन निकलने में भी परेशानी का सामना पड़ता है। इसको सही कराने के लिए कई बार लोगों ने अधिकारियों से मांग की, लेकिन कोई फायदा नहीं है। संवाद
विजयनगला से कुंवरगांव जाने वाला रोड खराब
कुंवरगांव। विजय नगला से कुंवरगांव करीब 12 किलोमीटर लंबा है। इस मार्ग के चौड़ीकरण का काम करीब तीन साल पहले शुरू हुआ, जो अबतक पूरा नहीं हो सका है। ऐसे में सड़क कई जगह से टूटने लगी है। बीच-बीच में गहरे-गहरे गड्ढे हो गए हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस बार ध्यान नहीं दिया। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संवाद
नगर में लालबाग के पास खराब है सड़क
इस्लामनगर। नगर से सहसवान हो जाने वाला मार्ग वैसे तो पूरा अच्छा है। लेकिन नगर के अंदर यह काफी जगहों पर टूटा है। नगर निवासी ओमेंश कुमार, निलेंद्र समेत तमाम लोगों इसको सही कराने की मांग की पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी। सड़क दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। खासतौर महिलाओं को स्कूटी चलाते समय दिक्कत ज्यादा होती है। संवाद
सड़कों की गड्ढा मुक्ति का काम करीब 80 प्रतिशत पूरा किया जा चुका है। बाकी काम भी समय सीमा के अंदर यानी शेष 7 दिन में पूरा कर लिया जाएगा, काम तेजी से चल रहा है। काम की गुणवत्ता को लेकर कहीं से भी कोई शिकायत नहीं हैं। -देवपाल सिंह, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी
ककोड़ा मेले से ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर श्रद्वालु। संवाद- फोटो : ramnagar news
ककोड़ा मेले से ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर श्रद्वालु। संवाद- फोटो : ramnagar news
ककोड़ा मेले से ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर श्रद्वालु। संवाद- फोटो : ramnagar news