दबतोरी (बदायूं)। नकारा सिस्टम ही घोटाले करने वालों के हौसले बुलंद करता है, यही कारण है कि आए दिन नए-नए घोटाले सामने आ रहे हैं। बिसौली क्षेत्र के गांव संग्रामपुर के डाकघर के डाकपाल ने ग्राहकों के 50 लाख रुपये का गबन कर लिया। अधिकारी भी मान रहे घोटाला हुआ, लेकिन जांच की सुस्त चाल से यही लग रहा है कि डाकपाल पर कार्रवाई करने के बजाए उसे बचाने की कोशिश चल रही है। एक माह में महज 400 पासबुकों की जांच हो सकी जबकि अब भी एक हजार पासबुक जांच को बाकी हैं। वहीं ग्राहक पैसा वापसी की मांग को लेकर रोजाना डाकघर पहुंच रहे हैं।
संग्रामपुर के डाकघर में तैनात डाकपाल राजू ने सैकड़ों ग्राहकों का रुपये लेने के बाद उनके खातों में जमा नहीं किया। उसने ग्राहकों के खातों में जमा धनराशि को भी विभागीय साठगांठ के चलते अपने खाते में हस्तांतरित करा लिया था। इस मामले के खुलासे के बाद अधिकारियों ने पिछले दिनों राजू को निलंबित कर दिया। पूरे मामले की उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम जांच कर रही है। मौजूदा डाकपाल शमशाद ने बताया कि अब तक चार सौ ग्राहकों की पासबुकों का मिलान किया जा चुका है। लगभग एक हजार पासबुकों का और मिलान किया जाना है। जांच लंबी खिंचने के कारण अब ग्राहक जांच पर ही सवाल उठाने लगे हैं।
इधर, सूत्र बता रहे हैं कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी डाकपाल के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जांच में यह साफ हो सकेगा कि उसने कुल कितना धन डकारा है। बता दें कि अब तक की जांच में यह साफ हो गया है कि डाकपाल राजू ने ग्राहकों का लाखों रुपये डकार लिया है। इस बात को डाक अधीक्षक बालकिशन भी स्वीकार कर चुके हैं।
जांच अधिकारी की भी भूमिका संदिग्ध
- संग्रामपुर मामले में जांच कर रहे एक अधिकारी की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि यह अधिकारी एक माह के बाद भी संग्रामपुर के मामले की जांच नहीं कर सका है। उसे लेकर भी विभागीय कर्मचारियों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सोमवार को मस्जिद से होगी मुनादी
डाकपाल शमशाद के मुताबिक सोमवार को गांव में मस्जिद से इस बात की मुनादी कराई जाएगी कि जितने ग्राहकों की धनराशि हड़पी गई है या उनके खातों में दर्ज नहीं है। वे डाकखाने आकर अपनी पूरी स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं।