डाकघर को कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) से तो जोड़ दिया गया। लेकिन कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो सका। जानकारों की माने तो सीबीएस होने के बाद अभी तक परेशानियों से निजात मिलना तो दूर और बढ़ गई हैं। बताते हैं कि सिस्टम ढंग से ऑपरेट न किए जाने के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। लिहाजा आरडी जमा नहीं हो पा रहीं हैं। इससे सबसे ज्यादा एजेंट्स परेशान हैं। उन्हें फिक्र है कि अगर तीस दिसंबर तक आरडी जमा नहीं हुईं तो उन्हें बिलंब शुल्क अपने पास से देना होगा।
आधुनिक युग में ग्राहकों को और अधिक सुविधा देने के लिए डाकघरों को भी ऑनलाइन किया जा रहा है। इस क्रम में जिले के प्रधान डाकघर को सीबीएस किया जा चुका है। लेकिन कार्य को दुरुस्त तरीके से किया जाना शुरू नहीं किया गया है। आरोप है कि सीबीएस होने के बाद क्रियान्वयन प्रक्रिया ढंग से शुरू न होने से कई काम प्रभावित हो रहे हैं। इधर, एक एजेंट्स का आरोप है कि प्रत्येक विभाग, कॉलेज तथा व्यक्ति गत रूप से डाकघरों में चल रही आरडी भी जमा नहीं हो पा रही हैं। जो कि 30 दिसंबर तक जमा होनी हैं। यह भी कहना है आवर्ती जमा खाता की धनराशि जमा न हो पाने से एजेंट्स को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। डाकघर अधीक्षक रामबाबू मिश्रा ने बताया कि कार्यप्रणाली दुरुस्त है। सभी स्टाफ ढंग से काम कर रहा है। सीबीएस होने के बाद थोड़ी परेशानी जरूर हुई, लेकिन ही यह समस्या भी दूर हो गई। आर्वती जमा की जा रही है। सभी आरोप गलत हैं।