बदायूं। जिला पंचायत सदस्य की पुसगवां सीट से दो प्रबल दावेदारों के नामांकन खारिज होने के बाद जिले का राजनीतिक तापमान बढ़ गया है। नामांकन खारिज होने के बाद राजाबाला की ओर से जिला निर्वाचन अधिकारी/ डीएम व चुनाव आयोग को प्रत्यावेदन दिया है। उन्होंने भाजपा के दबाव में फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराने और उसी रिपोर्ट के आधार पर पर्चा खारिज करने का आरोप लगाया है। खास यह कि जिस शिकायत पर उनका पर्चा खारिज किया गया, जांच में वह मामला झूठा निकला।
पुसगवां सीट से राजबाला पत्नी उमेश सोलंकी की देवरानी कांति देवी पत्नी डॉ. वीपी सिंह सोलंकी ने चुनाव लड़ा था। वह दो हजार सात से ज्यादा वोटों से चुनाव जीती थीं, लेकिन चुनाव परिणाम आने से पहले ही उनकी मौत हो गई। ऐसे में इस सीट पर उप चुनाव कराया जा रहा है। उप चुनाव में राजाबाला ने छह जून को नामांकन पत्र दाखिल किया था। उझानी कोतवाली में दर्ज एक आपराधिक मामले का जिक्र करते हुए राजाबाला का पर्चा खारिज कर दिया गया था। इसी तरह शीला पत्नी नेत्रपाल का पर्चा भी खारिज किया गया। यह दोनों को प्रबल दावेदार के रूप में देखा जा रहा था।
दरअसल, दोनों ही प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र के साथ आपराधिक मामलों का जिक्र नहीं किया था। शीला उनके पति नेत्रपाल, बेटे धर्मेंद्र और बेटी पुष्पा के खिलाफ नवंबर आठ 2019 में बिल्सी थाने में एक लड़की को अगवा करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इस मामले में विवेचक दरोगा वीकेश कुमार ने अगले ही महीने आठ दिसंबर को धर्मेंद्र के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। उसे जेल भी भेजा गया था। शीला, नेत्रपाल और पुष्पा को क्लीनचिट मिल गई थी। इसके बावजूद शीला का पर्चा भी खारिज कर दिया गया।
राजाबाला का आरोप है कि उझानी कोतवाली में उनके खिलाफ जिस सुरेंद्र नाम के व्यक्ति ने मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है वह उसे जानती तक नहीं। वह भाजपा प्रत्याशी का रिश्तेदार है। उनके खिलाफ फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराकर पर्चा खारिज करा दिया गया। ये रिपोर्ट भी उझानी पुलिस ने एफआर लगाकर खारिज कर दी। हालांकि, शीला की ओर से अभी प्रत्यावेदन नहीं दिया गया है।
भाजपा लॉबी ने नेता की पत्नी को चुनाव जिताने को किया खेल
राजबाला और उनके पति उमेश का कहना है कि भाजपा नेता राजेश्वर सिंह पटेल की पत्नी मेखला सिंह को जिताने के लिए पुलिस-प्रशासन ने यह खेल किया है। अगर उनको पता होता कि उनके खिलाफ उझानी कोतवाली में कोई मामला दर्ज है तो वह शपथ पत्र में इसका जिक्र करतीं। उमेश सोलंकी का यह भी कहना था कि नामांकन दाखिल करने से पहले भाजपा नेताओं ने चुनाव न लड़ने का भी दबाव बनाया था। दबाव में न आने पर फर्जी रिपोर्ट दर्ज कराकर उनकी पत्नी का पर्चा खारिज करा दिया। भाजपा की पूरी लॉबी मेखला सिंह के लिए पैरवी कर रही है।
गुराई गांव से संबंधित मारपीट के मामले में सोमवार को अब्दुल्लागंज चौकी प्रभारी जितेंद्र सिंह मौके पर जाकर जांच की। आरोप की सत्यता साबित नहीं हुई। इसलिए एफआर लगा दी।
- विशाल प्रताप सिंह इंस्पेक्टर उझानी
राजबाला और शीला के खिलाफ न तो हमने कोई रिपोर्ट दर्ज कराई है और न ही रिपोर्ट कराने वालों से हमारा कोई मतलब है। पर्चा खारिज कराने को शिकायत भी हमारी ओर से नहीं की गई है फिर भी हमारे ऊपर आधारहीन आरोप लगाए जा रहे हैं। हमारी पत्नी दमदारी से चुनाव लड़ रही हैं। पार्टी व संगठन से लेकर जनता का पूरा सहयोग मिल रहा है। जीत हमारी होगी। - राजेश्वर सिंह पटेल (प्रत्याशी मेखला सिंह के पति)
हमारे सामने आवेदन निरस्त करने के लिए जो शिकायतें व आधार पेश किए गए वह पर्याप्त थे। जो शिकायतें की गईं उनका जवाब समय से नहीं मिल सका इसलिए नियमानुसार आवेदन निरस्त कर दिए गए। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। - डॉ. रामवीर कटारा, आरओ, जिला पंचायत चुनाव