अगस्त में लक्ष्मन सिंह के ट्रक से हरियाणा की शराब का जखीरा मिला था।
उसको शक था कि शराब की दुकान पर काम करने वाले अमर सिंह की मुखबिरी पर
पुलिस ने शराब पकड़ी और उसे जेल जाना पड़ा। इसी के चलते वह अमर सिंह से
रंजिश मानने लगा। जमानत पर आए और चुनाव लड़ा। निर्विरोध चुन भी लिए गए। बस
फिर क्या था, अमर सिंह को जान से मारने की धमकी देने लगा। लेकिन वह यह भूल
गए कि नए नेता के सौ दुश्मन। सूत्रों के अनुसार मामले में एक बडे़ नेता का
हाथ है, जिन्हें लक्ष्मन का जीतना नागवार लगा और उसे फंसाने का मौका भी
हाथ लग गया। उन्हीं के इशारे पर अमर सिंह की रिपोर्ट पर पुलिस ने सक्रियता
दिखाते हुए गिरफ्तार कर लिया।