बदायूं। शुक्रवार को चुनाव प्रचार खत्म होने के साथ ही राजनीतिक दलों के सोशल मीडिया योद्धा सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर एक दूसरे पर वार करने में जुट गए हैं। शुक्रवार शाम से शुरू हुआ सोशल मीडिया वार शनिवार को भी जारी रहा। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता और सोशल मीडिया विंग एक दूसरे राजनीतिक दलों पर हमला कर रहे हैं। अपनी पार्टियों की नीतियों का बखान और विपक्ष को नकारा बताने से पीछे नहीं हट रहे।
वहीं दूसरी ओर राजनीतिक दलों के रणनीतिकार एक दूसरे के वोट बैंक में सेंधमारी की रणनीति बना रहे हैं। उनके सामने अपने खेमों को बचाना और दूसरे के खेमे में सेंध लगाना किसी चुनौती से कम नहीं है। इतना ही नहीं रणनीतिकारों की अपने ही दलों में भितरघात को लेकर भी हवाइयां उड़ी हुईं हैं। भाजपा हो या सपा और बसपा, कांग्रेस चारों ही पार्टियों में इस बार चुनाव में बगावत हुई है। कुछ नेता टिकट कटने से नाराज हो गए तो कुछ अपने ही दलों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए दूर हो गए। नाराज नेता पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में प्रचार करने में मैदान में नहीं उतरे। रणनीतिकार इसको लेकर भी सक्रिय हैं। देर रात तक इसको लेकर प्रत्याशियों के साथ पार्टी रणनीतिकारों की बैठकें चलती रहीं। संवाद