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Budaun News: अपहरण को हल्के में ले रही पुलिस, 42 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं

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अपने बाबा के साथ बालक आर्यन गुप्ता। संवाद
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उसावां (बदायूं)। आर्यन गुप्ता के अपहरण को थाना पुलिस ने हल्के में लिया। पुलिस ने वारदात के 42 घंटे बाद भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की है, जबकि सीसीटीवी फुटेज से घटना की पुष्टि हो चुकी है। कुछ लोग अपराधी का नाम भी बता रहे हैं पर पुलिस उसे पहचान नहीं पा रही। पुलिस का कहना है कि फुटेज में अपराधी की तस्वीर साफ नहीं है। फुटेज को लैब में भेजकर अपराधी की पहचान का प्रयास किया जा रहा है।
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कस्बे में मंगलवार रात सात वर्षीय आर्यन गुप्ता का अपहरण कर लिया गया था। वह रात करीब नौ बजे अपने चाचा पवन कुमार गुप्ता के मिष्ठान भंडार से अकेले ही पैदल घर लौट रहा था। दुकान और घर के बीच मात्र पांच सौ मीटर का फासला है। इसी दौरान रास्ते में एक व्यक्ति मिला। उसने बालक से कहा कि चलो पापा तुम्हें बुला रहे हैं। वह पिता का नाम लेने की वजह से उसके साथ चला गया। फिर करीब तीन घंटे बाद रात करीब 12 बजे घर लौटा। उसके गाल और माथे पर चोट के निशान थे। बालक बदहवास हालत में था।
परिवार वालों को उसने बताया कि एक व्यक्ति उसे पापा के नाम पर रास्ते से बुलाकर कस्बे से बाहर खेत की ओर पैदल-पैदल लेकर गया था। खेत पर दो चारपाई पड़ी थीं। उसने एक चारपाई पर उसे बैठा दिया। जब उसने घर जाने को कहा तो उसके साथ मारपीट की। वह व्यक्ति एक चारपाई पर लेट गया। जब वह सो गया तो बालक वहां से उठकर घर भाग आया।
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घटनास्थल पर दूसरे दिन पहुंची पुलिस
पूरे मामले में अहम बात यह है कि पुलिस दूसरे दिन सुबह घटनास्थल पर पहुंची। अपहरण करने वाला व्यक्ति नहीं मिला। मौके पर खेत में दो चारपाई पड़ी मिलीं, जिससे बालक की बात पुष्ट हो गई। इसके बाद पुलिस ने रास्ते के सीसीटीवी कैमरे खंगाले। एक कैमरे की रिकार्डिंग में उस व्यक्ति का चेहरा दिखा, जो बालक को लेकर गया था, लेकिन पुलिस चेहरे को धुंधला बता रही है।
पुलिस का कहना है कि एक्सपर्ट के माध्यम से इसी फुटेज को पहचानने लायक कराने का प्रयास कर रहे हैं। एसओ मान बहादुर सिंह का कहना है कि इस मामले की छानबीन की जा रही है। फुटेज में कुछ स्पष्ट हो तो आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के की जाए। उनका यह भी कहना है कि कुछ नाम सामने आए हैं, उन पर भी पुलिस की जांच कर रही है।

अपहरण करने वाले के खिलाफ हो कार्रवाई : मुकेश
आर्यन गुप्ता के दादा मुकेश गुप्ता का कहना है कि उन्होंने पुलिस को तहरीर दे दी है, लेकिन इसमें उसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, जो व्यक्ति उनके नाती का अपहरण करके ले गया था। वह किसी बेगुनाह के खिलाफ कार्रवाई कराना नहीं चाहते। परिजन कह रहे हैं कि जब तक आरोपी नहीं पकड़ा जाता तब तक आर्यन का घर के बाहर निकलना सुरक्षित नहीं। इसी डर के कारण वह घर में कैद होकर रह गया है।

बालक के गाल, माथा और कंधे पर मिलीं गुम चोटें
बालक आर्यन गुप्ता का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मेडिकल परीक्षण कराया गया। मेडिकल करने वाले डॉ. पीयूष गौतम ने बताया कि बालक के गाल, माथा और कंधे पर गुम चोटें मिलीं हैं। गाल पर मारपीट करने के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं।



छानबीन के लिए पुलिस टीम लगा दी गई है। बालक को बहलाकर ले जाया गया था। हालांकि वह खुद भाग गया। छानबीन में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी। जो भी आरोपी होगा, उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज होगा। गिरफ्तार करके जेल भी भेजा जाएगा। -डॉ. बृजेश कुमार सिंह, एसएसपी
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