महिला से दुष्कर्म (सांकेतिक फोटो)
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बदायूं में एक महिला सफाई कर्मचारी से दुष्कर्म के छह साल पुराने मामले में गिरफ्तार रायबरेली के मनरेगा उपायुक्त गोपाल प्रसाद कुशवाह को बुधवार दोपहर जेल भेज दिया गया। उसके खिलाफ तीन माह पहले महिला कर्मचारी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। तब से पुलिस उपायुक्त की तलाश में थी। एक दिन पहले उसे रायबरेली में गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार देर रात यहां ले आया गया था।
आरोपी उपायुक्त गोपाल प्रसाद मूलरूप से बलिया जिले में खेजुरी थाना क्षेत्र के गांव फिरोजपुर का रहने वाला है। छह साल पहले गोपाल प्रसाद बदायूं के सहसवान ब्लॉक में खंड विकास अधिकारी के पद पर तैनात था। उस दौरान उसकी एक महिला सफाई कर्मचारी से काफी नजदीकियां बढ़ गई थीं। महिला का आरोप था कि गोपाल प्रसाद उससे शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। सहसवान से उसका विकास भवन स्थानांतरण हो गया। यहां से वह शाहजहांपुर चला गया। वहां से पदोन्नत होकर रायबरेली जिले में डीसी मनरेगा के पद पर तैनात हो गया था। इसके बावजूद गोपाल प्रसाद महिला के संपर्क में रहा। बाद में वह शादी करने को लेकर टालमटोल करने लगा। जब महिला ने उसके बारे में छानबीन की तो पता चला कि गोपाल प्रसाद पहले से ही शादीशुदा है।
सच्चाई पता चलने पर तीन माह पहले महिला ने गोपाल प्रसाद कुशवाह के खिलाफ सिविल लाइंस थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इंस्पेक्टर सहंसरवीर सिंह ने मंगलवार को आरोपी डीसी मनरेगा को रायबरेली जिले में रेलवे क्रॉसिंग के पास बरगठ चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। देर रात उसे बदायूं लाया गया। बुधवार की दोपहर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
गोपाल प्रसाद कुशवाह के खिलाफ दुष्कर्म के मामले में तीन माह पहले एफआईआर दर्ज की गई थी। मंगलवार को उसे रायबरेली से गिरफ्तार कर लिया गया है। बुधवार दोपहर उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। - आलोक मिश्रा, सीओ सिटी