रूट डायवर्जन को लेकर पुलिस की पिकेट पर उठे सवाल
कांवड़ियों की भीड़भाड को लेकर चार दिन तक रहने वाले रूट डायवर्जन को लेकर पुलिस व्यवस्था की शनिवार को रोडवेज की तीन बसों ने पोल खोल दी। दिल्ली-जलालाबाद और बरेली-आगरा रूट की तीन रोडवेज बसें एक-एक करके यहां पहुंच गईं। पुलिस ने उन्हें रोकने की बजाय नजर चुरा ली। जबकि बाइपास से बदायूं की ओर जाने वाले टेंपो और मैजिक वाहनों को नहीं निकलने दिया गया।
मामला पूर्वाह्न का है। यहां बदायूं बाइपास पर पूर्वाह्न में बदायूं डिपो की रोडवेज बस पहुंची। पिकेट पर मौजूद एक सिपाही ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। आगे चलकर होमगार्ड ने बस को रोका तो जलालाबाद-दिल्ली रूट पर चलने वाली इस रोडवेज का चालक कहने लगा कि बहेडी मोड़ पर नहीं रोका गया तो तुम्हें क्या आपत्ति है। ऐसा ही दोपहर में सुबह भी हुआ। बाद में सहसवान तिराहे से तीनों बसों को दिल्ली हाईवे की ओर निकाल दिया गया। इसके विपरीत टेंपो चालक सहसवान के मेहरबान को सिपाही ने बदायूं रोड पर होकर नहीं निकलने दिया। मेहरबान ने सिपाही से छोटा वाहन बताकर रोके जाने का कारण पूछा तो वह बिफर पड़ा। कई टेंपो को बैरंग लौटकर गांव बरामालदेव और अब्दुल्लागंज के रास्ते बदायूं रोड पर पहुंचना पड़ा। बता दें कि शुक्रवार सुबह से सोमवार तक बदायूं से लेकर कछला तक रोडवेज, प्राइवेट बसों और ट्रक का आवागमन प्रतिबंधित है।